विकास और विश्वास के पर्याय हैं नरेंद्र मोदी

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn
Share on pinterest
Pinterest
Share on pocket
Pocket
Share on whatsapp
WhatsApp
  • डॉ. राकेश मिश्र
    “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूलमंत्र के साथ भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए सतत बढ़ने वाले नरेंद्र मोदी भारत हीं नहीं, बल्कि विश्व के महानायक हैं। संगठन से लेकर सरकार तक में उन्होंने जो कार्य किए हैं, उससे उन्हें 21वीं सदी का विश्वकर्मा कहा जाता है। इनका जन्म भी जिस तिथि को हुआ, उस दिन देश के अधिकांश हिस्से में निर्माण के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई जाती है। नरेंद्र मोदी के विशाल व्यक्तित्व के कारण ही देश की जनता की उम्मीदें इनसे बहुत ज्यादा हैं। हो भी क्यों नहीं? राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक से प्रधान सेवक तक की सफर में भारतीय राजनीति और देश की दिशा बदली है ।
    गुजरात के वडनगर कस्बा में एक मध्यम वर्गीय परिवार में 17 सितम्बर 1950 को जन्म लेने वाले नरेंद्र मोदी का बाल्यकाल बहुत संघर्ष पूर्ण बीता। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ते हुए 1971में इसके पूर्णकालिक कार्यकर्ता बने और युवा अवस्था में इन्होंनेभारत भ्रमण और धार्मिक स्थानों का दौरा किया। हिंदी, गुजराती और अंग्रेजी भाषा के अच्छे जानकार नरेंद्र मोदी जी के हृदय में भारतीय संस्कृति की भाषा संस्कृत के प्रति भी सम्मान भाव है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से हर भारतीय भाषाओं को समुचित महत्व और स्थान दिलाने का काम किया है।
    भारतीय जनता पार्टी ने 2014 का लोक सभा चुनाव इनके नेतृत्व में लड़ा तो इनके चमत्कारिक व्यक्तित्व, करिश्माई भाषण शैली और विकासोन्मुखी सोच के कारण अभूतपूर्व समर्थन मिला औरपहली बार भाजपा सम्पूर्ण बहुमत के साथ 282 सीटें जीतकर सत्तामें आई। यह एक ऐतिहासिक जीत थी। एक सांसद के रूप में उन्होंने उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी वाराणसी एवं अपने गृह राज्य गुजरात के बड़ोदरा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा और दोनों जगहों से जीत हासिल की। मोदी जी ने 2014 से 2019 तक कई प्रकार के ऐतिहासिक निर्णय लिए। कईसारे महत्वपूर्ण फैसले लिए, जिससे जनता का इनके प्रति स्नेहऔर भी बढ़ गया और अगली बार और ज्यादा सीटों से बहुमत हासिल की। 2019 के लोकसभा चुनाव में 303 सीट हासिल कर एक शानदार जीत दर्ज की। नरेंद्र मोदी ने हमेशा लोगों के भलाई के लिए कार्य किये है। मुख्यमंत्री पद पर रहकर गुजरात के लोगों की सेवा करने अवसर प्राप्त किया तथा बाद में प्रधानमत्री रहकर पूरे देश के लिए कार्य किये, समय समय पर कई नियम कानून लेकर आये। डिजिटल इंडिया प्रोग्राम, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्रीउज्जवला योजना, प्रधानमंत्री जन धन योजना आदि कई सारीयोजनाओं की शुरुआत की, जिससे गरीबों की उन्‍नति हो। आयुष्मान भारत योजना में गरीबों के स्वास्थ्य की चिंता की गई है तो गरीब कल्याण अन्‍न योजनामें गरीबों का चूल्‍हा जले, इसकी व्यवस्था की गई है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं कार्यक्रम के तहत बालिकाओं को शिक्षित करने का कार्य हुआ है।इसी तरह सौभाग्य योजना, जल जीवन मिशन, मातृवंदना, सुकन्या समृद्धि योजना, किसान सम्मान निधि, मुद्रा योजना समेत कई योजनाओं का कार्यन्वयन करसमाज के सभी वर्गों को उन्नति के मार्ग पर ले जाते हुये उन्हें सशक्त और समृद्ध बनाया गया है। दूसरी तरफ सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट, कश्मीरसे धारा 370 और 35ए की समाप्ति एक ऐतिहासिक कार्य हुआ। इसी तरह सदियों से अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर बनने का सपना हर भारतीय का था, लेकिन वह इनके कार्यकाल में ही साकार हुआ।
    अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में भी नरेंद्र मोदी का कद विश्व नेता का है। वैश्विकनेताओं के बीच नरेंद्र मोदी दुनिया की सबसे लोकप्रिय राजनीतिक हस्तियों में हैं। अपनी कार्यशैली, दृढ़निश्चय और क्षमता के कारण नरेंद्र मोदी का नाम न सिर्फ भारत में, बल्कि विश्व पटलपर भी गूंज रहा हैं। नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व की कई खूबियां उनको दूसरे राजनेताओं से अलग करती है।2014 में सत्ता में आने के बाद से ही मोदी सरकार ने अन्य देशों के साथ सम्बन्धों को नया आयाम देने की दिशा में कार्य करना शुरू कर दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अथक मेहनत से दुनिया का नजरिया भारत की ओर बदला है। कोरोना महामारी के दौरान एक ओर जहां देशवासियों को सुरक्षा प्रदान की, वहींदुनिया के कई देशों को मदद भी की। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान वहां फंसे भारतीय छात्रों को सकुशल वापस लाने वाले पहले राष्ट्रनायक नरेंद्र मोदी जी हीं हुए। सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर दुनिया में सर्वाधिक लोकप्रिय नेता साबित हुए हैं। लोकप्रियता के मामले में दुनिया के राष्ट्राध्यक्षों को पीछे छोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले स्थान पर हैं। अमेरिकी फार्मडेटा इंटेलिजेंस कंपनी ‘मॉर्निंग कंसल्ट’ के एक सर्वे के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के सर्वाधिक लोकप्रियनेता हैं।
    आजादी के अमृत वर्ष में देश में गुमनाम हुए स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानदेने का काम यदि किसी ने किया तो वो हैं हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। उनके नेतृत्व में भारतीय राजनीति ने भी करवट ली है। जातिवाद, परिवारवाद, वंशवाद,भ्रष्टाचार, आतंकवाद और क्षेत्रवाद हासिए पर चले गये। उसके स्थान पर नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विकासवाद, राष्ट्रवाद और सेवाभाव का समावेश हुआ है। साथ ही शासन में सुशासन की स्थापना हुई है, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी सरकार बनी है। संगठन में सेवा ही संगठन है का मूलमंत्र अपना कर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता राष्ट्र सेवा में लगे हुए हैं। आत्मनिर्भर भारत में विकसित गांव, सशक्तयुवा, गरीबों के चेहरे पर मुस्कान, हर घर को पानी और रो रोशनी, हर बेघर को मकान देने के साथ ही किसी को भूख से नहीं मरने देने का दृढ़ निश्चय लेकर सशक्त भारत और सुरक्षित भारत बनाने का काम किया है। सेना के जवानों को सशस्त कर जहाँ सीमाओं को सुरक्षित किया, वहीं दीपावली के दिन सैनिकों के बीच पहुंच कर उनका हौसला बढ़ाया और सम्मान दिया। समय के साथ देश को आगे बढ़ाते हुए नरेन्द्र मोदी ने जय जवान, जयकिसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान को भी जोड़ा। एक तरफजहाँ गाँव को विकास से जोड़ा गया है, वहींस्मार्ट सिटी के तहत शहरों को भी सुंदर और सुविधा सम्पन्न बनाया जा रहा है। गरीबों का ख्याल रखने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी सभी योजनाओं और कार्यक्रमों में गरीबों को समृद्ध बनाने उद्देश्य रखा है। ऐसे महानायक को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।

Never miss any important news. Subscribe to our newsletter.

Leave a Reply

Recent News

Related News