Home अमृत कलश बालक को क्या पढ़ाएं

बालक को क्या पढ़ाएं

49
0

प्रसिद्ध विचारक प्लेटो ने जीवन और राज काज के बारे में गंभीर विचार व्यक्त किए हैं। उन्होने ‘स्टेट्समैन’ में कहा है कि बालक की प्रवृतियां पैतृक गुणों पर निर्भर करती हैं। उसका स्वभाव माता और पिता के स्वभाव की योग से बनता है। प्लेटो ने शासक के लिए शिशु की देखभाल का अच्छा प्रबंध करना बहुत आवश्यक बताया है। उन्होंने राज्य को शिशु गृहों का अच्छा प्रबंध करना बहुत ही आवश्यक बतलाया है क्योंकि शिशु की देखभाल शिक्षा का सबसे आवश्यक है अंग है। उनका कथन है कि बालकों की पाठ्य पुस्तकों पर राज्य का नियंत्रण होना चाहिए, जिससे उनके हाथों में सभी प्रकार की पुस्तकें न जा सकें। तभी उनमें वांछित विचार उत्पन्न किए जा सकेंगे।

प्लेटो के अनुसार बालकों के लिए लिखी गई गद्य की पुस्तकों में व्यवस्थित जीवन में रुचि उत्पन्न करने वाले विचार होने चाहिए। बालकों के लिए लिखी गई गद्य की पुस्तकों में व्यवस्थित जीवन में रुचि उत्पन्न करने वाले विचार होने चाहिए। उनकी पुस्तक में युद्धों के वर्णन बिल्कुल नहीं आने चाहिए, क्योंकि उन्हें पढ़कर बालकों में लडऩे- झगडऩे की प्रवृत्ति पैदा होती है, जो नागरिक व्यवस्था एवं शांत जीवन में बाधा पहुंचाती है। बालक को वही पाठ पढ़ाए जाने चाहिए जिनसे उन्हें शांति के लाभों का ज्ञान हो। पद्य की पुस्तकों में देवताओं की प्रार्थनाएं, नेताओं की प्रशस्तियां और शुभ कर्मों में सद्गति प्राप्ति आदि विषय होने चाहिए। उनमें दूषित चरित्रों को स्थान नहीं मिलना चाहिए।

राज्य को चाहिए कि कवियों के लिए नियम बना दे कि वे अपनी काव्य कृतियां में न्यायपूर्ण, सुंदर और शुभ चरित्रों को ही स्थान दे। इस प्रकार नियंत्रित शिक्षा के द्वारा तैयार किए हुए नागरिकों के सामाजिक आचरण का निरीक्षण करने के लिए प्लेटो ने राज्य को निरीक्षक युक्त करने की सलाह दी। प्लेटो के विचार से शासक को भी बाल्यकाल से ही ऐसी शिक्षा मिलनी चाहिए कि वह संपूर्ण राष्ट्र को अपना परिवार समझ सके।

उसे गणित, ज्योतिष और दर्शन का पंडित होना चाहिए। उसका बौद्धिक स्तर इतना ऊंचा होना चाहिए कि वह राष्ट्र के सभी सदस्यों की समस्याओं को समझ सके और विभिन्न परिस्थितियों में अपनी कर्तव्योन का पालन कर सके। शासक में समदृष्टि होनी चाहिए। उसमें कौशल होना चाहिए जिससे वह नागरिकों के हिय की कामना कर सके। सबसे अधिक शासक में नागरिकों के हित की कामना होनी चाहिए।

Previous articleस्वास्थ्य का हिसाब-किताब
Next articleअनीति से अर्जित धन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here