Home » स्वदेश विशेष: द्वितीय चरण में आए थे 45 हजार आवेदन  43 हजार आवंटित हुई सीटें, फिर भी रह गईं 1,56,399 खाली 

स्वदेश विशेष: द्वितीय चरण में आए थे 45 हजार आवेदन  43 हजार आवंटित हुई सीटें, फिर भी रह गईं 1,56,399 खाली 

  • – इस बार योजना में 27 हजार 314 निजी स्कूलों को शामिल किया गया
  • – इन स्कूलों की 2 लाख 84 हजार सीटें हैं
  • – पहले चरण में 1 लाख 34 हजार 851 आवेदन आए थे
  • – दूसरे चरण में 45 हजार आवेदन पहुंचे हैं

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रदेश के निजी स्कूलों में सत्र 2023-24 में प्रवेश के लिए प्रक्रिया जारी है। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा दूसरे चरण की लॉटरी निकालते हुए सीटों का आवंटन कर दिया है। दूसरे चरण में कुल 42,583 बच्चों निजी स्कूलों की सीटें मिली हैं। इसमें 26 हजार 800 विद्यार्थी ऐसे हैं, जिन्हे प्रथम वरीयता का स्कूल मिला है। दूसरे चरण में शामिल होने के लिए करीब 45 हजार विद्यार्थियों द्वारा आवेदन किए गए थे। हालांकि दूसरे चरण में सीटें आवंटित होने के बाद भी प्रदेश के निजी स्कूलों की करीब 1,56,399 खाली रह गई हैं। आवंटित सीटों पर विद्यार्थी 24 से 27 अप्रेल तक प्रवेश ले सकेंगे। तीसरे चरण को लेकर फि लहाल राज्य शिक्षा केंद्र की कोई तैयारी नहीं है।

पहले चरण में यह थी स्थिति :

आरटीई के पहले चरण में  1 लाख 34 हजार 851 बच्चों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किए थे। जिसमें से दस्तावेज सत्यापन के बाद ऑनलाइन लॉटरी के लिए 1 लाख 15 हजार 593 बच्चे पात्र हुए थे। ऑनलाइन लॉटरी में 1 लाख 1 हजार 207 बच्चों को सीटों का आवंटन हुआ था। अंतिम तारीख 10 अप्रेल तक 85 हजार 18 विद्यार्थियों ने आवंटित सीट पर प्रवेश लिया। वहीं 16 हजार 189 विद्यार्थियों ने स्कूल पसंद नहीं होने के चलते सीट छोड़ दी थी। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा शुरू किए गए दूसरे चरण में करीब 1 लाख 98 हजार 982 सीटों को शामिल किया गया। इसमें पहले चरण में स्कूल पसंद नहीं आने के चलते सीट छोडऩे वाले 16 हजार 189 विद्यार्थियों को भी मौका दिया गया था।

देर रात निकली लॉटरी, अभिभावक देखते रहे मोबाइल :

राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा 21 अप्रेल को लॉटरी निकाली जानी थी, लेकिन शुक्रवार शाम तक यह लॉटरी जारी ही नहीं की गई। लेट-लतीफी पर अधिकारी भी कोई जवाब नहीं दे पाए। जिसके बाद देर रात तक लॉटरी निकाली गई। ऐसे में जो अभिभावक सुबह से लॉटरी निकलने का इंतजार कर रहे थे, वह परेशान होते रहे। शनिवार और रविवार को अवकाश होने के कारण स्कूल में प्रवेश नहीं हो पाएंगे। 24 अप्रेल से प्रवेश शुरू होंगे, ऐसे में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों के पास सिर्फ चार दिन का समय मिलेगा।

सीटें खाली रहने के यह तीन कारण बताते हैं जानकार :

दूसरी बार मौका मिलने के बाद भी सीटों के मुकाबले कम संख्या में पहुंचे आवेदनों और बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने का अलग-अलग कारण बताया जा रहे हैं। जहां विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि प्रदेश में अब सरकारी स्कूलों की स्थिति बदल गई है। सीएम राईज, एक्सीलेंस स्कूल, मॉडल स्कूल सहित अन्य स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ ही बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। ऐसे में अभिभावकों और विद्यार्थियों का रूझान निजी स्कूलों के प्रति कम हुआ है। वहीं जानकार बताते हैं कि कोरोना काल के दौरान निजी स्कूलों की मनमानी से अभिभावकों को निजी स्कूलों के प्रति रूझान कम हुआ है। वहीं राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा मई-जून माह में लॉटरी निकाली जाती थी, जिसे इस बार अप्रेल में ही शुरू कर दिया गया। इसका प्रचार-प्रसार भी बेहतर नहीं किया गया। ऐसे में कई अभिभावकों तक आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी ही नहीं पहुंची।

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