बीजिंग: भारत में झूठे विज्ञापन देने पर बेशक कोई कार्रवाई न होती हो लेकिन चीन में विज्ञापन में गंजापन दूर करने  का दावा करना भारी पड़ गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन में एक कंपनी युआन सांप के तेल से गंजापन दूर करने का दावा करती थी। कंपनी के तीन संस्थापक थे। आरोप है कि उन्होंने अपने कर्मचारियों को फर्जी डॉक्टर बनकर लोगों को ठगने की ट्रेनिंग दे रखी थी। वो कस्टमर्स से दोबारा बाल उगाने के नुस्खे बताते और उन्हें तेल खरीदने के लिए कहते थे।

वो दावा करते थे कि उनकी दवा परंपरागत और पुरानी किताबों से नुस्खे लेकर बनाई गईं हैं। दवा बेंचकर कंपनी ने 5 महीने में करीब 10.7 करोड़ रुपए कमा लिए।  साल 2016 में एक पीड़ित ने कंपनी पर फर्जी दवा बेचने का केस कर दिया। जिसके बाद पड़ताल में सामने आया कि ये कंपनी गंजेपन की दवा के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रही है। कंपनी ने करीब 8945 लोगों को नकली दवा बेंची। चीन के मंगोलिया की ओरडॉस कोर्ट ने सुनवाई के बाद तीनों संस्थापकों को 11 से 13 साल की सजा सुनाई। वहीं कंपनी के 82 कर्मचारियों को एक से 6 साल की सजा सुनाई गई।

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