मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में आरटीई साल 2020 तक लागू रहेगी। इसके अलावा प्रदेश के सुशासन मेडिकल कॉलेजों में नियुक्ति के लिए आदर्श नियम बनाने का भी फैसला किया। वहीं किसानों को कपास पर दी जा रही 1 प्रतिशत की मंडी छूट को अगले 1 साल के लिए बढ़ाने का भी फैसला किया।

कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी देखते हुए जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि आरटीई प्रदेश में 2020 तक लागू रहेगी। इसमें निजी स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति के तौर पर 1706 करोड़ों रुपए दिए जाएंगे। अनिवार्य शिक्षा के तहत 6 से 14 साल के बच्चों को निशुल्क प्रवेश देने की व्यवस्था निजी स्कूलों में रखी गई है।

कैबिनेट में ये भी तय किया गया कि 41 जिलों में संचालित उत्कृष्ट स्कूल के लिए छात्रावास भी बनाए जाएंगे। जहां फिलहाल छात्रावास नहीं है वहां निजी भवन को किराए पर लेकर छात्रावास की व्यवस्था बनाई जाएगी

सरकार ने ये भी तय किया है कि 1 जनवरी 2005 के बाद नियुक्त हुए राज्य के कर्मचारियों को ग्रेच्युटी और पेंशन पार्ट फाइनल निकालने की अनुमति होगी। सरकार ने इसके लिए सिविल सेवा नियमों में संशोधन करने को भी मंजूरी दी।

इसके अलावा सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को मृत्यु उपरांत दी जाने वाली बीमा राशि में बढ़ोतरी की है। अभी तक मृत संग्राहकों के परिवार को बीमा के रुप में 26 हजार रुपए की राशि मिलती थी। लेकिन अब सरकार ने इस राशि को बढ़ाकर 2 लाख रूपय कर दिया है। ये राशि राज्य सरकार और वन विकास निगम देगा। सरकार ने इसके लिए 12.30 करोड़ रुपए को मंजूरी दी।

पर्यटन विभाग की सभी योजनाओं को एक छाते के नीचे लाने का फैसला भी बैठक में लिया गया। इसके लिए 300 करोड़ रुपए की अनुमति दी गई। सूखे की स्थिति को देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक में की गई साथी जल निगम की 3 साल आकार योजनाओं की मंजूरी दे दी गई। वहीं ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के लिए 900 करोड़ रु., राष्ट्रीय पेयजल कार्यक्रम के लिए 400 करोड़ रु., सतही जल स्रोत निर्माण काम के लिए 106 करोड़ रु. की अनुमति दी गई। बैठक में खेल अकादमियों के संचालन, अधोसंरचना विकास और स्थापना के लिए 236 करोड रुपए मंजूर किए गए।

कैबिनेट बैठक में एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत तय किया गया कि प्रदेश के सुशासन मेडिकल कॉलेजों में नियुक्ति के लिए आदर्श नियम रहेंगे। अब यहां राज्य लोक सेवा आयोग की जगह कमिश्नर की अध्यक्षता में बनने वाली समिति के माध्यम से नियुक्ति होंगी। वहीं नए नियम बनाने के लिए प्रचार समिति को अधिकृत किया गया। कमिश्नर की अध्यक्षता में एक समिति बनेगी उसमें संबंधित कॉलेज के डीन सदस्य होंगे, साथ ही जिस विषय की नियुक्ति की जानी होगी उससे संबंधित विशेषज्ञ भी रखे जाएंगे। जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि इससे प्रदेश में खुलने वाले साथ में मेडिकल कॉलेजों में भर्ती प्रक्रिया आसान होगी।

प्रदेश सरकार ने कपास पर दी जा रही मंडी छूट को अगले 1 साल के लिए बढ़ाने का भी फैसला किया। वहीं सरकार ने न्यायाधीशों को अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की तरह 300 दिन के अवकाश नगदीकरण की सुविधा को भी मंजूरी दी।

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