भोपाल. अब तक आप 21 जून को सबसे बड़ा दिन मानते रहे हैं। और ये भी जानते होंगे कि इस दिन दोपहर के समय परछाई गायब हो जाती है। लेकिन मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 21 जून प्रचलन में आ गई है। जबकि सबसे बड़ा दिन होने की तारीख में फेरबदल होता है। ये तारीख जून के दूसरे सप्ताह से तीसरे सप्ताह तक कभी भी आ सकती है। और ये निर्धारित होता है सूर्य की स्थिति पर कि वह इन दिनों में किस डिग्री पर है।

- बुधवार को भोपाल में दिन सबसे बड़ा और रात सबसे छोटी होगी। मतलब राजधानी भोपाल में 14 जून को सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच का समय करीब 13 घंटे 34 मिनट का रहेगा। सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद का समय और जोड़ लिया जाए तो ये अवधि करीब साढ़े चौदह घंटे की हो जाएगी।

- वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला के मुताबिक लोग सबसे बड़ा दिन 21 जून को मानते हैं, परंतु ऐसा नहीं है। चूंकि बुधवार को सुर्य की किरणें 22.50 डिग्री उत्तरी अक्षांश रेखा पर सीधी पड़ रही हैं, जिसका केंद्र भोपाल है। मतलब भोपाल में सूरज कर्क रेखा के सबसे नजदीक है। इसलिए ये सबसे बड़ा दिन होगा।

सूर्योदय 5.34 बजे और सूर्यास्त 7.08 बजे होगा
- इस साल की बात करें तो बुधवार को यहां सूर्योदय 5.34 पर हुआ है और सूर्यास्त 7.08 पर होगा। इस दौरान दिन की अवधि 13 घंटे 34 मिनट की होगी। मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला के अनुसार, समय 10 मिनट बढ़ भी सकता है।

भोपाल से लगे शहरों में भी ऐसे ही रहेगी दिन की लंबाई
- अजय शुक्ला ने बताया कि उत्तरी अक्षांश रेखा पर आ रहे भोपाल और उसके आसपास के दूसरे शहरों रायसेन, विदिशा, इटारसी और सीहोर आदि में भी दिन की लंबाई लगभग यही रहेगी। झांसी और इलाहाबाद में भी स्थिति लगभग ऐसी ही रहेगी, लेकिन इसका समय बाद में आएगा।

साल में दो बार ऐसा होता है

- मौसम विज्ञानी के अनुसार, महीने की 14 जून को सूरज भूमध्य रेखा (इक्वेटर) से उत्तरी अक्षांश पर होता है तो दिन बड़ा और रात छोटी होती है, जबकि 22 दिसंबर को जब सूर्य दक्षिणी अक्षांश में होता है तो रात सबसे बड़ी होती है।

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