नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। भारी कर्ज में डूबी रिलायंस कम्युनिकेशन्स ने जानकारी दी है कि उसने अपने कर्मचारियों की संख्या में 94 फीसद की कमी की है। अब कर्मचारियों की संख्या घटकर 3,400 पर आ गई है, जो कि एक समय में 52,000 हुआ करती थी।

आरकॉम ने नियामकीय फाइलिंग में जानकारी दी है, “आरकॉम ग्रुप में काम करने वाले लोगों की संख्या 52,000 की उच्चतम स्थिति से वर्तमान समय में 3,400 पर आ गई है। इसमें करीब 94 फीसद की कमी की गई है।” माना जाता है कि कंपनी 2008-10 के दौरान शिखर पर थी। आरकॉम पर फिलहाल 45,000 करोड़ रुपए का कर्ज है।

आरकॉम लंबे समय से अपने कर्ज को चुकाने के प्रयासों में जुटी हुई है। कंपनी ने इसी साल जनवरी में अपनी मोबाइल सेवा संबंधित कारोबार को भी बंद कर दिया था, हालांकि उसने बिजनेस टू बिजनेस स्तर पर दूरसंचार सेवाओं को देना जारी रखा है। कंपनी ने अपनी फाइलिंग में कहा है कि एयरटेल, वोडा, आइडिया और रिलायंस जियो के बीच जारी टैरिफ वॉर अब भी जारी है। शुल्क में कटौती की होड़ से वायरलेस क्षेत्र में वित्तीय लेखाजोखा प्रभावित हुआ है। अब जब 18 जनवरी को आरकॉम बी2सी (बिजनेस टू कंज्यूमर) सेवा से बाहर हो गई है, ऐसे में कंपनी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

आरकॉम का कहना है कि भारत के दूरसंचार नियामक प्राधिकरण की ओर से जारी नवीनतम क्षेत्र राजस्व रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि वायरलेस क्षेत्र में सालाना आधार पर राजस्व में 21 फीसद से ज्यादा गिरावट के बाद यह लगातार नीचे ही गिर रहा है। कंपनी ने आगे यह भी कहा कि कुल मिलाकर इसका रेवेन्यू मार्केट वार्षिक आधार पर 26,000 करोड़ रुपये कम हुआ है।

विदेश