भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मध्य प्रदेश के भाजपा नेताओं, विधायकों और मंत्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. दरअसल, पहले तो अमित शाह ने ये साफ संदेश दे दिया है कि करीब 130 ऐसे विधायकों के टिकट काटे जाएंगे जिनकी जीत की संभावना बिलकुल नहीं है और दूसरा यह कि प्रदेश में कांग्रेस को कमजोर समझने की भूल बिलकुल नहीं की जाए.

मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही है. अमित शाह अपने पिछले तीन दौरों से शिवराज की जगह संगठन के नाम पर चुनाव लड़ने का संदेश दे रहे हैं, लेकिन अपने हाल ही के जबलपुर दौरे पर उन्होंने पार्टी नेताओं को साफ संदेश दे दिए कि इस बार लड़ाई कहीं ज्यादा कठिन है.

 

जबलपुर के भेड़ाघाट में मंगलवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में हुई बैठक में वर्तमान राजनीतिक हालातों और चुनाव में विपक्ष द्वारा बनाए जाने वाले मुद्दों को लेकर चर्चा की गई. सूत्रों के अनुसार शाह ने चुनाव में जो मुद्दे विपरीत असर पहुंचा सकते हैं, उन्हें समाप्त करने के लिए जुट जाने को कहा. उन्होंने जीत का जो फॉर्मूला बताया, उसमें किसान, व्यापारी और आदिवासियों को खुश करना प्रमुख है.

अमित शाह ने भले ही मध्य प्रदेश भाजपा को सतर्क किया है लेकिन एमपी के मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जहां भी गए हैं, वहां पर भाजपा की सरकार बनी है. साथ ही उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसा है कि वह जहां भी गए हैं, वहां कांग्रेस को हार मिली है.

वहीं अमित शाह के जबलपुर दौरे को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की जमीन खिसक रही है, इसलिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को बार-बार मध्य प्रदेश के दौरे पर आना पड़ रहा है. भाजपा को अपनी हार साफ दिख रही है.

 

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