इंदौर. भय्यू महाराज के अंतिम दर्शन को देशभर से भक्तों के अाने का सिलसिला जारी है। भय्यू महाराज द्वारा खुद को गोली मारने की खबर से उनके भक्त स्तब्ध हैं। यहां आने वाले भक्तों का कहना है कि महाराज ऐसा नहीं कर सकते हैं। भय्यू महाराजका शव बुधवार सुबह अंतिम दर्शन के लिए बापट चौराहे स्थित उनके सूर्योदय आश्रम पर रखा गया। दोपहर 2 बजे यहीं से अंतिम यात्रा निकलेगी। जहां भमोरी स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। बता दें कि भय्यू महाराज ने मंगलवार दोपहर अपने स्प्रिंग वैली स्थित घर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

अपने अंतिम सफर पर भय्यू जी महाराज...

1.45 : महाराष्ट्र की मंत्री पंकज गोपीनाथ मुंडे ने भय्यू महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

1.39 : मप्र कांग्रेस के कद्दवर नेता कृपाशंकर शुक्ला ने भी दी श्रद्धाजंलि।

1.20 : इंदौर के पूर्व महापौर कृष्ण मुरारी मोघे ने भी दी भय्यू महाराज को श्रद्धाजंलि।

1.16 : सांवेर से कांग्रेस के पूर्व विधायक तुलसी सिलावट ने भी दी भय्यू महाराज को श्रद्धाजंलि।

1 .05 : डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने पुलिस वैज्ञानिक तरीके से पूरे मामले की जांच कर रही है। परिजनों की स्थिति ऐसी नहीं है कि अभी बयान रिकार्ड की जाए। भय्यू महाराज का दूसरा सुसाइड नोट मिला है। जिसमें सेवादार विनायक का जिक्र है। विनायक 16 साल से उनके साथ था। सोमवार को भय्यू महाराज से राऊ के होटल में जो महिला मिली थी, वह बच्चे के एडमिशन से जुड़े मामले के लिए आई थी। पुलिस मोबाइल कॉल डिलेट के साथ ही हर पहलू पर जांच कर रही है।

12.48 : गर्मी को देखते हुए यहां आने वालों के लिए पानी का टैंकर मंगवाया गया।

12.44 : कुछ देर के लिए लिए कहीं गई बेटी फिर से पिता के पास वासप आई।

12.35: कम्प्यूटर बाबा भय्यू महाराज को श्रद्धांजलि देने आश्रम पहुंचे।

12.15: भय्यू महाराज की अंतिम यात्रा के लिए फूलों से सजा वाहन पहुंचा। जेब कतरों से सावधान का किया जा रहा अलाउंस।

12.07 : कलेक्टर निशांत वरवड़े और डीआईजी हरीनारायणाचारी मिश्र ने भी श्रदांजलि दी।

11.50 : अंतिम यात्रा मार्ग पर लगाए जा रहे हैं मंच।

11.45 : महापौर मालिनी गौड़ ने दी महाराज को श्रद्धाजंलि।

11.20: मराठवाड़ा के शिवसेना प्रमुख अंबादास दानवे भी आश्रम पहुंचे।

- भय्यू महाराज के मौत की सूचना के बाद रातभर भक्तों के आने का सिलसिला जारी रहा।

- महाराष्ट्र, मप्र सहित देशभर से हजारों भक्त आश्रम पहुंचे। रोते-बिलखते भक्त महाराज के पार्थिव देश का इंतजार करते रहे।

11.15 : अलवर विधायक नरेंद्र शर्मा ने भी दी श्रद्धांजलि।

11.10 : करणी सेना गुजरात प्रमुख राजा शेखावत ने भी किए अंतिम दर्शन।

11. 05 : केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले अंतिम दर्शन करने पहुंचे।

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि बाबा साहब आंबेडकर के प्रति भय्यू महाराज की अगाध श्रद्धा थी। उनके असामयिक निधन से देश को क्षति हुई है।

11.00 - महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के ओएसडी श्रीकांत भय्यू महाराज के आश्रम पर पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

10.50 : भय्यू महाराज की 4 माह की बेटी को भी भय्यू महाराज के अंतिम दर्शन को लाया गया।

10.30 : बीजेपी विधायक महेंद्र हार्डिया भी भय्य महाराज को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

10.00 : दो नंबर से बीजेपी विधायक रमेश मेंदोला सहित कई बीजेपी नेता अंतिम दर्शन को पहुंचे।

9.15 : कांग्रेस नेत्री शोभा ओझा भय्यू महाराज को श्रद्धांजलि देने पहुंची। उन्होंने बदहास पत्नी को संभाला।

- भय्यू महाराज के पार्थिव देश को देखते ही चीख पुकार मच गई।

- पार्थिव देह के साथ पत्नी और बेटी के साथ सेवादार आश्रम पहुंचे।

- महाराज को ऐसे देख बेटी और पत्नी बहवास हो गईं, वे बार-बार उन्हें उठाने को कहती रहीं।

9.00 : भय्यू के पार्थिव देह को बाम्बे अस्पताल ले सूर्याेदय आश्रम लाया गया।

भय्यू महाराज के अंतिम दर्शन को हजारों भक्त पहुंचे
- भय्यू महाराज की मौत की सूचना के बाद देशभर से उनके भक्तों के आने का सिलसिला जारी है। बुधवार अलसुबह ही उनके अंतिम दर्शन के लिए आश्रम और उनके घर पर भक्तों का हुजूम लग गया। अपने गुरु की एक झलक पाने के लिए हजारों भक्त बापट चौराहे स्थित सर्वोदय आश्रम में पहुंचे हैं। भक्तों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

भय्यूजी महाराज की डायरी में लिखा सुसाइड नोट का पहला पन्ना

- पारिवारिक जिम्मेदारी संभालने के लिए यहां कोई होना चाहिए, 'मैं बहुत तनाव में हूं। थक चुका हूं, इसलिए जा रहा हूं। विनायक मेरा विश्वासपात्र है। सब प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट वही संभाले। किसी को तो परिवार की ड्यूटी करनी जरूरी है तो वही करेगा। मुझे उस पर विश्वास है। मैं कमरे में अकेला हूं और सुसाइड नोट लिख रहा हूं। किसी के दबाव में आकर नहीं लिख रहा हूं। कोई इसके लिए जिम्मेदार नहीं है।

डायरी में लिखा सुसाइड नोट का दूसरा पन्ना

- विनायक मेरे विश्वासपात्र हैं, सब प्रॉपर्टी इंवेस्टमेंट वहीं संभाले। किसी को तो परिवार की ड्यूटी करनी जरूरी है, तो वही करेगा। मुझे उस पर विश्वास है। मैं कमरे में अकेला हूं और सुसाइड नोट लिख रहा हूं। किसी के दबाव में आकर नहीं लिख रहा हूं, कोई इसके लिए जिम्मेदार नहीं है।

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