लालू यादव के परिवार के निर्माणाधान मॉल को प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को सीज कर दिया। पटना के बेली रोड पर डिलाइट मार्केटिंग कंपनी मॉल बनवा रही है। इसकी लागत करीब 750 करोड़ है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी इसके निर्माण पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि लालू यादव और उनके परिवार ने रेलवे के टेंडर घोटाले के एवज में 2 एकड़ जमीन हासिल की थी। इसी पर मॉल बनाया जा रहा है। घोटाले को लेकर एजेंसियां जांच कर रही हैं।

सुशील मोदी ने उठाया था मुद्दा

- अप्रैल, 2017 में भाजपा नेता ने आरोप लगाए थे कि 2008 में रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने आईआरसीटीसी के रांची और पुरी के दो होटल एक बड़े कारोबारी को गलत तरीके से सौंप दिए। इसके एवज में कारोबारी ने पटना में दो एकड़ जमीन डिलाइट मार्केटिंग कंपनी को दी। इस कंपनी में राजद सांसद प्रेम चंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता की 70% हिस्सेदारी थी। 2014 में तेजस्वी, तेजप्रताप और चंदा यादव को इसके निदेशक बनाए गए।
- उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मॉल बनाने के लिए खोदी गई मिट्टी गलत तरीके से संजय गांधी जैविक उद्यान (चिड़ियाघर) को 90 लाख में बेची गई। इसके लिए सौंदर्यीकरण की गैरजरूरी योजना बनी थी।

अब जमीन हासिल करने को देने होंगे सबूत

- प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद अब मॉल की जमीन हासिल करने के लिए डिलाइट मार्केटिंग को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा। इस बात के सबूत देने होंगे कि उन्हें यह प्रापर्टी कैसे मिली या किससे इसे खरीदा था। 
- बता दें कि जमीन को लेकर अब तक कागजी कार्रवाई चल रही थी। यहां लालू परिवार की ओर से गार्ड तैनात किए गए थे।

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