हाइप्रोफाइल संतों में शुमार भय्युजी महाराज ने गोली मारकर हत्या कर ली है। उन्होंने तनाव में आकर खुद को दाईं कनपटी पर गोली मार ली। बॉम्बे हॉस्पिटल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। भय्युजी महाराज केवल आधात्म के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि समाजसेवा और विचारक भी थे। उनकी भक्तों की लिस्ट भी हाइप्रोफाइल है जिनमें प्रतिभा देवी सिंह ताई पाटिल, मनसे प्रमुख राज ठाकरे, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, गायिका लता मंगेशकर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आदि शामिल है। आइए जाने कौन है भय्युजी महाराज: 

 भय्युजी महाराज का जन्म 28 अप्रैल 1968 को मध्यप्रदेश के शुजालपुर जिले में हुआ था।

इनका असली नाम उदय जी देशमुख था।

भय्युजी पहले तो फैशन डिजायनर थे फिर उनका रूझान आध्यात्म की ओर बढ़ तो वे आधायात्मिक जीवन की ओर मुड़ गए। 

आध्यात्मिक गुरु होने के साथ-साथ वे समाजसेवी थे।
महाराष्ट्र ने उन्हें राष्ट्र संत का दर्जा दिया था।

मध्यप्रदेश सरकार ने उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा दिया था जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया था। 

पहली शादी माधवी से हुई थी जिनसे उन्हें एक बेटी कुहू है। कुहू की परवरिश के लिए ही उन्होंने दूसरी शादी शाजापुर की डॉ शिवानी के साथ की थी।

भय्युजी महाराज की मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की राजनीति में गहरी पैठ थी। 

वे तब चर्चा में आए जब केन्द्र सरकार ने उन्हें अण्णा हजारे के द्वारा किए जा रहे आंदोलन के संबंध में बात करने के लिए भेजा था।

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