नई दिल्ली। मोदी सरकार की योजना, अटल पेंशन योजना को साल 2015 में नरेंद्र मोदी सरकार ने लॉन्च किया था। यह पेंशन योजना मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र पर केंद्रित है और निवेशकों को बहुत कम राशि निवेश करके अच्छी खासी रकम वापस मिल सकती है। एक व्यक्ति को न्यूनतम मासिक रिटर्न हासिल करने के लिए 18 से 40 साल की उम्र के बीच पेंशन योजना में निवेश करना शुरू करना होगा।

इसके बाद उसे 1000 रुपए से 5000 रुपए तक मासिक पेंशन हर महीने मिलती रहेगी। रिटर्न इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति किस उम्र से और कितना निवेश करना शुरू करता है। इस योजना के तहत व्यक्ति तीन तरह से भुगतान कर सकता है- मासिक, त्रैमासिक और अर्ध-वार्षिक। इसका मतलब है कि 60 वर्ष की उम्र के बाद 2000 रुपए प्रति माह की न्यूनतम गारंटीकृत वापसी प्राप्त करने के लिए किसी व्यक्ति को 84 रुपए प्रति माह का भुगतान करना होगा।

एनएसडीएल वेबसाइट के मुताबिक, 42 साल के लिए निवेश के बाद यह 24,000 रुपए सालाना पेंशन रिटर्न मिलेगा। इसके लिए व्यक्ति को बस एक बैंक या डाकघर में सेविंग एकाउंट खोलना है। यदि कोई व्यक्ति छह महीने के लिए योगदान राशि का भुगतान करने में विफल रहता है, तो खाते को फ्रीज कर दिया जाएगा। 12 महीने के बाद खाता निष्क्रिय हो जाएगा और 24 महीने के बाद खाते को बंद कर दिया जाएगा।

कब और कैसे मिलेगा रिटर्न

60 साल की उम्र के बाद एपीवाई से बाहर निकलने की अनुमति होगी। पेंशन की कुल राशि को व्यक्ति 100 प्रतिशत वार्षिककरण के साथ की जाती है।

किसी भी कारण से सब्सक्राइबर की यदि मौत हो जाती है, तो पेंशन की राशि उसके पति या पत्नी को मिलेगी और दोनों की मौत हो जाने पर पेंशन कॉर्पस उनके नामांकित व्यक्ति को वापस कर दी जाएगी।

60 वर्ष से पहले योजना से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। हालांकि, केवल असाधारण परिस्थितियों जैसे लाभार्थी की मौत हो जाने या गंभीर बीमारी हो जाने पर योजना से निकला जा सकता है।

कौन ले सकता है लाभ

एपीवाई 18-40 साल के बीच के भारत के सभी नागरिकों पर लागू होता है। यानी कोई भी व्यक्ति इसका लाभ ले सकता है।

आधार प्राथमिक केवाईसी होगा। योजना के संचालन की आसानी के लिए ग्राहकों से आधार और मोबाइल नंबर प्राप्त करने की सिफारिश की जाती है।

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