जिस तरह पुलिस मुख्यालय में कार्यरत लिपिक यानि बाबू खाकी वर्दी पहनकर कार्य करते हैं। उसी तरह आगामी समय में प्रदेश के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) में कार्यरत बाबू भी खाकी वर्दी पहनकर काम कर सकेंगे। परिवहन आयुक्त डॉ. शैलेंद्र श्रीवास्तव ने अनुमति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। जिसे जल्द ही स्वीकृति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। शासन से अनुमति मिलने के बाद विभाग बाबुओं को खाकी वर्दी आवंटित भी कर सकता है। यदि अनुमति मिलती है तो भोपाल आरटीओ के 31 बाबू और प्रदेश के सभी जिलों के आरटीओ के करीब एक हजार बाबू खाकी वर्दी में नजर आएंगे।

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