लाहौर। पाकिस्तान में राजनीतिक दल बनाने में सफल रहा मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड हाफिज सईद अब चुनाव में उतरने की तैयारी में है। खबरों के अनुसार हाफिज सईद खुद तो चुनाव नहीं लड़ेगा लेकिन इस चुनाव में उसके संगठन के 200 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जाएगा।

बता दें कि लश्‍कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन के हिस्‍से जमात-उद-दावा ने अपना राजनीतिक दल मिल्ली मुस्लिम लीग (एएमएल) शुरू किया, लेकिन अभी तक यह पाकिस्तान निर्वाचन आयोग में पंजीकृत नहीं है। आम चुनाव के करीब आने के साथ ही इसने एक निष्क्रिय राजनीतिक दल अल्लाहू-अकबर तहरीक (एएटी) के नाम से चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जो चुनाव आयोग में पंजीकृत है।

जेयूडी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने चुनाव आयोग से नामांकन पत्र ले लिए हैं और वे एएटी के मंच से अपने उम्मीदवार खड़े कर रहे हैं। एमएमएल के प्रवक्ता अहमद नदीम ने कहा, ‘एमएमएल अध्यक्ष सैफुल्ला खालिद और एएटी प्रमुख अहमद बरी आगामी चुनावों में एएटी के मंच पर संयुक्त रूप से उम्मीदवार खड़े करने पर सहमत हो गए हैं। सीटों के बंटवारे के समझौते के अनुसार, एमएमएल 200 से अधिक शिक्षित उम्मीदवार खड़े करेगी। वे एएटी के चुनाव चिह्न कुर्सी पर चुनाव लड़ेंगे।’

यह पूछे जाने पर कि क्या सईद की संसदीय चुनाव लड़ने की योजना है, इस पर प्रवक्ता ने कहा, ‘नहीं, हाफिज साहब की अभी ऐसी कोई योजना नहीं है। एमएमएल पहली बार चुनावों में भाग ले रही है और उम्मीद करते हैं कि हम संसद में जाएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि लोग हमारे उम्मीदवारों का चयन करेंगे।’

जेयूडी ने एमएमएल का गठन तब किया जब लाहौर में हाफिज को गिरफ्तार कर लिया गया था। 30 जनवरी को आतंक विरोधी कानून के तहत हाफिज व उसके चार सहयोगी अब्‍दुल्‍ला उबैद, मलिक जफर इकबाल, अब्‍दुल रहमान आबिद और काजी काशिफ हुसैन को लाहौर में नजरबंद कर लिया गया था। जेयूडी को जून 2014 में अमेरिका ने विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था। जेयूडी प्रमुख पर आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के कारण एक करोड़ डॉलर का ईनाम भी है।

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