रायपुर। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में मुफ्त की पढ़ाई के लिए 11 जून को पिटारा खुलने जा रहा है। आवेदन ऑनलाइन मंगाये गये हैं, लेकिन जिला स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी ऑफलाइन लॉटरी निकालेंगे। इसके पहले जिला शिक्षा अधिकारी एएन बंजारा ने नोडल अफसरों की आठ जून को मीटिंग रखी है।

नोडल अधिकारी लॉटरी निकालने से पहले सभी आवेदकों की पात्रता की छानबीन करेंगे। पालकों को नोडल स्कूलों में अपने आवेदन क्रमांक के साथ बच्चे के जन्म सत्यापन के लिए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, एएनएम रजिस्टर रिकार्ड और आंगनबाड़ी रिकार्ड में से कोई एक दिखाना पड़ेगा।

इसी तरह निवास सत्यापन के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक या कोई अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सकता है। पहचान सत्यापन के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य दस्तावेज देना पड़ेगा। लोक शिक्षण विभाग के संचालक एस प्रकाश का कहना है कि सभी जिलों में अपनी-अपनी तारीख पर लॉटरी निकालने के लिए दिया गया है।

इसके अंतर्गत आने वाले पालकों के बच्चों को मिलेगा लाभ

आरटीई में ऐसे बालक जिनके संरक्षक प्रभावशील गरीबी रेखा की 2011 की सूची में शामिल हो। इसके अलावा पालक या संरक्षक का नाम मृत्यु के समय सूची में शामिल रहा हो। ऐसे बच्चे जो कि एचआईवी से संक्रमित हो अथवा जिनके पालक एचआईवी संक्रमित हों। ऐसे बच्चे जो अनुसूचित जाति वर्ग के अंतर्गत आते हों।

ऐसे बच्चे जो कि अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत आते हों। ऐसे बच्चे जो कि परिलक्षित आदिम जनजाति समूह के हों। अनुसूचित जनजातियों और परम्परागत वनवासी के अंतर्गत वन अधिकारों के मान्यतापत्र। ऐसे बालक जो 40 या इससे अधिक दिव्यांग हो इसके अंतर्गत आते हैं। इन शर्तों का पालन करने वाले बच्चों को ही दाखिला मिलेगा।

रायपुर में सीट के मुकाबले अधिक आवेदन

प्रदेशभर में रायपुर में सबसे अधिक 13 हजार आवेदन आए हैं, जबकि नक्सलग्रस्त इलाकों में जैसे नारायणपुर में सबसे कम 95 आरटीई के लिए आवेदन मिले हैं। इसी तरह दंतेवाड़ा 103, बीजापुर 150, सुकमा 157 आवेदन आए हैं। प्रदेशभर से 76 हजार से अधिक आवेदन आए हैं। प्रदेशभर की निजी स्कूलों में 80 हजार सीटों के लिए आवेदन आए हैं।

तीन कक्षाओं में सीधे दाखिला और उम्र

1- नर्सरी- बच्चे की आयु तीन साल पूर्ण और चार साल से कम होना चाहिए।

2- केजी वन- इसके लिए बच्चे की आयु चार वर्ष पूर्ण और पांच वर्ष से कम होना चाहिए।

3- पहली कक्षाः इसके लिए बच्चे की आयु पांच साल पूर्ण और छह साल से कम होना चाहिए।

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