वाशिंगटन। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ने हुआवेई समेत कम से कम चार चीनी कंपनियों के साथ डाटा शेयर समझौता कर रखा है। अमेरिकी इंटेलीजेंस एजेंसियों ने चीनी मोबाइल कंपनी हुआवेई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना है। न्यूयार्क टाइम्स में मंगलवार को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक ने कहा है कि चीनी कंपनियों को उपकरणों का इस्तेमाल करने वालों और उनके दोस्तों के धार्मिक और राजनीतिक झुकाव, काम एवं शैक्षिक जानकारी तथा रिलेशनशिप स्टेटस सहित विस्तृत जानकारी तक पहुंचने की अनुमति देता है। इस तरह की अनुमति की पेशकश ब्लैकबेरी को भी की गई है।

फेसबुक ने कहा है कि यह समझौता 2010 से पुराना है, लेकिन हुआवेई के साथ समझौता सप्ताह के अंत तक खत्म हो जाएगा। न्यूयार्क टाइम्स ने कहा कि फेसबुक का हुआवेई, लेनोवो, ओप्पो और टीसीएल के साथ डाटा शेयर समझौता है। इस कारण चीनी कंपनियां कुछ यूजरों के डाटा तक निजी पहुंच रखती हैं।

अमेरिकी सांसदों ने जताई चिंता

अमेरिकी सांसदों ने फेसबुक द्वारा चीनी कंपनियों के साथ किए गए इस तरह के समझौतों को लेकर चिंता जताई है। सीनेट की इंटेलीजेंस कमेटी के डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वार्नर ने कहा कि इस खबर ने चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने यह जानने की इच्छा जताई है कि फेसबुक ने चीन के सर्वर पर डाटा ट्रांसफर होने से रोकने के लिए क्या उपाय किए हैं।

हुआवेई ने दी सफाई

दूसरी ओर हुआवेई ने बुधवार को कहा कि उसने कभी भी फेसबुक यूजर डाटा न तो जमा किया और न ही स्टोर किया है। कंपनी के प्रवक्ता जोए केली ने बुधवार को जारी संदेश में कहा है कि यूजर के लिए फेसबुक सर्विस को ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए व्यवस्था की गई थी।

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