रायपुर। शिक्षाकर्मियों के संविलियन का मामला फिलहाल अधर में ही अटका हुआ है। मंगलवार को मुख्यमंत्री को संविलियन का ड्राफ्ट नहीं सौंपा जा सका। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह विकास यात्रा पर निकले हैं। मंगलवार को वे बालोद जिले में थे। उनके लौटने के बाद ही रिपोर्ट सौंपी जाएगी। अंतिम निर्णय भी मुख्यमंत्री ही लेंगे।

नईदुनिया से बातचीत में राज्य के मुख्य सचिव अजय सिंह ने कहा-हमने रिपोर्ट तैयार कर ली है। मुख्यमंत्री को आज सौंपना था लेकिन मुख्यमंत्री विकास यात्रा पर हैं। हमने उनसे समय मांगा है। समय मिलते ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रिपोर्ट सौंप देंगे।

यह पूछे जाने पर कि क्या आज या कल तक रिपोर्ट दे दी जाएगी, मुख्य सचिव बोले-हम कैसे बता दें कि कब दे पाएंगे। जब मुख्यमंत्री कार्यालय से समय मिलेगा तब देने जाएंगे। तो क्या संविलियन होगा या नहीं। आखिर रिपोर्ट में है क्या? इस सवाल पर मुख्य सचिव अजय सिंह ने कहा-यह राज्य शासन का विषय है। निर्णय राज्य शासन को लेना है। जब तक अंतिम निर्णय नहीं हो जाता मैं कुछ नहीं बोल सकता हूं। रिपोर्ट गोपनीय है। जब निर्णय हो जाएगा तभी आपको पता चलेगा कि इसमें क्या है।

ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश में संविलियन की घोषणा होने के बाद से ही यहां के शिक्षाकर्मी लगातार आंदोलन पर हैं। हाल ही में शिक्षाकर्मियों ने संविलियन की रिंगटोन बनाकर अपने मोबाइल में फीड कर ली है। मुख्यमंत्री के हर कार्यक्रम में वे संविलियन की मांग उठा रहे हैं।

लगातार बढ़ते दबाव के बीच मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि उन्होंने मुख्यसचिव से पांच जून को संविलियन की रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इस बयान के बाद से शिक्षाकर्मी पांच तारीख का इंतजार कर रहे थे। छत्तीसगढ़ में संविलियन की पूरी तैयारी हो चुकी है। रिपोर्ट में संविलियन पर होने वाले खर्च का भी हिसाब किताब दिया गया है। सूत्र बता रहे कि इस पर सालाना 13 सौ करोड़ का खर्च आएगा। यह भी तय है कि संविलियन होगा, हालांकि इसकी घोषणा होने में अभी कुछ वक्त लग सकता है।

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