भोपाल।झुलसाने वाली गर्मी से बेहाल लोगों के लिए ये खबर अच्छी है। मौसम वैज्ञानियों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 11 जून के आसपास मध्यप्रदेश में दस्तक दे सकता है। इसके तहत प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर मानसून पूर्व की गतिविधियों में तेज हों गई हैं। अगले 24 घंटे में मानसून के कर्नाटक के शेष भाग, कोकण के दक्षिणी भाग, गोवा, तेलंगाना और कोस्टल आंध्रा पहुंचने की संभावना है। 8 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक लोप्रेशर क्षेत्र बनने के संकेत मिले हैं। जिसके चलते दक्षिण-पश्चिम मानसून के 11 जून के आसपास मप्र के दक्षिणी क्षेत्र से प्रवेश करने के आसार हैं।

- मौसम विशेषज्ञों की माने तो बुधवार को इंदौर संभाग के कई जिलों में बादल बरस सकते हैं। हालांकि ये प्री मानसून की आहट है। पूरी तरह से दक्षिण-पश्चिम मानसून 11 जून के बाद मप्र में दस्तक दे सकता है। बता दें कि सोमवार के बाद मंगलवार को भी प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश हुई थी।

- मौसम विषेशज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में एक लो-प्रेशर क्षेत्र बन रहा है। इस कारण मानसून तेजी से आगे की ओर बढ़ रहा है। इसी कारण दक्षिण की ओर से मानसून 11 तक मप्र में प्रवेश कर सकता है।

- मौसम विभाग ने मुंबई में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसका असर भी राजधानी के मौसम पर पड़ेगा। अंदाजा लगाया जा रहा है कि जैसे ही मुंबई में बारिश का दौर शुरू होगा उसके छह-सात घंटे बाद राजधानी का मौसम भी बदलेगा। यहां हल्की तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

मुंबई में जोरदार बारिश की चेतावनी

- मौसम विभाग और निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने चेतावनी दी है कि 6 से 10 जून के बीच मुंबई व आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो दिन में मुंबई, गोवा व महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में सक्रिय होगा।

- मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में मानसून दक्षिण कोंकण, गोवा व 7 जून तक मुंबई पहुंच जाएगा। इसके छाने के बाद अगले 24 घंटे में यानी 8 जून से इलाके में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। मछुआरों को गहरे समुद्र में नहीं जाने की सलाह जारी की जाएगी।

- निजी एजेंसी स्काईमेट ने कहा कि मुंबई व आसपास के क्षेत्रों में 6 से 10 जून के बीच अत्यंत भारी बारिश होगी। 2005 की बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। मुंबई, दहाणु, ठाणे, रत्नागिरी व सिंधुदुर्ग में बेहद भारी हो सकती है। वहीं 10-11 जून से सूरत, वलसाड़ व आसपास के दक्षिण गुजरात के जिलों में भारी बारिश होगी।

ऐसा है अभी भोपाल का मौसम

- बीते सप्ताह के आखिरी दिनों में कुछ राहत के बाद राजधानी फिर से जमकर तप रही है। अधिकतम के साथ न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ज्यादा चल रहा है। इसलिए शहर में रात के तपने का सिलसिला थम नहीं रहा है।

- अप्रैल अंत से शुरू हुआ यह क्रम जून के पहले हफ्ते में भी बरकरार है। बुधवार की रात न्यूनतम तापमान 28.7 डिग्री दर्ज किया गया। मंगलवार को रात का तापमान 30.2 डिग्री दर्ज किया गया।

- रविवार को यह 27.2 डिग्री दर्ज किया गया था। मंगलवार को दिन का तापमान 42.8 डिग्री दर्ज किया गया। पिछले डेढ़ महीने से रात में गर्मी की यही स्थिति बनी हुई है।


रात में पारे की चाल तेज

- राजधानी में रात में पारे की चाल भी बहुत तेज है। इस बार मई में रात का औसत तापमान 28.7 डिग्री रहा। यह 15 साल के औसत न्यूनतम तापमान से 1.6 डिग्री ज्यादा है। इतना ही नहीं यह सामान्य न्यूनतम तापमान 26 डिग्री से 2.7 डिग्री अधिक है।

ये है रातें गर्म होने की वजह

- वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला कहते हैं कि शहर में लॉन्ग वेब सोलर रेडिएशन भी डिस्टर्ब हुआ है। दिन में होने वाली तपिश रात को वापस लौटती है। इसे लॉन्ग वेब रेडिएशन कहते हैं। हवा में धूल के कण यानी डस्ट पार्टिकल की मात्रा ज्यादा बढ़ने से यह रेडिएशन प्रॉपर नहीं हो पा रहा है। इस वजह से रात के तापमान में इजाफा हुआ है।

 

विदेश