चीनी वैज्ञानिकों ने प्रोस्टेट कैंसर के लिए जिम्मेदार एक जीन की पहचान की है, जिससे इस बीमारी का पता लगाने और उसका इलाज करने में नए तरीके का इस्तेमाल किया जा सकेगा। एक समाचार एजेंसी ने खबर दी है कि सुजहोउ इंस्टि्टयूट ऑफ बायोमेडिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलोजी के वैज्ञानिकों ने 'पीसीएसईएटी' नाम के एक नए बायोमार्कर की खोज की है।

शोध में सामने आया कि प्रोस्टेट कैंसर के मरीजों में पीसीएसईएटी अधिक मात्रा में है जिससे संकेत मिला कि पीसीएसईएटी संभावित चिकित्सीय लक्ष्य हो सकता है। यह शोध मई में, 'बायोकेमिकल एंड बायोफिजिकल रिसर्च कम्यूनिकेशंस' में प्रकाशित हुआ है। शोध के आधार पर वे प्रोस्टेट कैंसर का जल्दी पता लगा सकते हैं। इसके इलाज की लागत में कमी आ सकती है।

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