सुकमा। साकलेर व सल्लातोंग में शनिवार रात हुई मुठभेड़ में घायल दो जवानों को लेने वायुसेना का हेलिकाप्टर आधी रात चिंतागुफा में उतारा गया। चिंतागुफा व बुरकापाल से निकली एसटीएफ व डीआरजी के जवानों की टुकड़ी के साथ शनिवार शाम चार बजे साकलेर व सल्लातोंग के पास पहाड़ी में सुरक्षा बलों व नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ लगभग सवा घंटे चली।

नक्सलियों की मिलिट्री बटालियन के साथ हुई मुठभेड़ में एसटीएफ का प्लाटून कमांडर मिलाप सोरी व आरक्षक सोढ़ी हिड़मा घायल हो गए। दोनों जवानों को रात लगभग एक बजे किस्टाराम कैंप लाया गया। यहां हेलीकॉप्टर की नाइट लैंडिंग की सुविधा है।

ऐसे में देर रात लगभग 2:30 बजे यहां एयर फोर्स की एमआई 17 हेलीकॉप्टर से जवानों को रायपुर रेफर किया गया। एसपी मीणा ने सल्लातोंग मुठभेड़ मौके पर देखे गए रक्त के धब्बों व शव घसीटे जाने के चिन्हों के आधार पर काफी संख्या में नक्सलियों के मारे व घायल होने का दावा किया है।

उन्होंने बताया कि मिलाप सोरी के कंधे में गोली लगी है जबकि सोढ़ी हिड़मा के पैर में फ्रैक्चर आया है। दोनों जवान की हालत खतरे से बाहर होने की बात उन्होंने कही।

एसपी ने बताया कि सल्लातोंग एनकाउंटर से पहले चिंतलनार थाने से निकली कोबरा 201 बटालियन के जवानों की टुकड़ी के साथ शनिवार दोपहर एक बजे दुलेड़ के पास के जंगलों में एवं किस्टाराम से निकली कोबरा 208 बटालियन के जवानों की टुकड़ी के साथ दोपहर तीन बजे कोमनपाड़ की पहाड़ी के जंगलों में नक्सलियों से मुठभेड़ हुई।

दोनों एनकाउंटर में नक्सलियों द्वारा अंधाधुंध गोलीबारी के बाद जवानों ने मोर्चा लेकर नक्सलियों का मुंहतोड़ जवाब दिया। इसके बाद नक्सली जंगल की ओर भाग खड़े हुए।

बताया गया कि ऑपरेशन को अंजाम देकर भेज्जी कैंप लौट रहे डीआरजी व एसटीएफ जवानों ने एंटापाड व कोलाईगुडा के जंगलों से पांच यूबीजीएल बम व 29 नग एके 47 व इंसास राइफल के कारतूस का खाली खोखा बरामद किया।

अधिकारियों के अनुसार सुकमा व माड़ में इसके पूर्व चलाए गए आपरेशन के बाद नक्सलियों के प्लाटून नम्बर एक के प्रभाव क्षेत्र में काफी भीतर तक फोर्स ने सर्चिंग किया है। अधिकारियों ने बताया आगे कार्रवाई और तेज की जाएगी

इन इलाकों की सर्चिंग के लिए निकले थे जवान 

एसपी मीणा ने बताया कि शुक्रवार व शनिवार को नक्सलियों के कोर एरिया में चलाए गए ऑपरेशन के दौरान जवान लगभग 60 किमी पैदल चले। इस दौरान पोलमपल्ली, चिंतागुफा, भेजी व किस्टाराम इलाके के गांव एतराजपाड, कोलाईगुडा, बुर्कलंका, सिंघनमडढू, तुमालपाड, छोटेकेडवाल, बडेकेडवाल, कामाराम, पिडमेल, पेंटापाड, डब्बाकोंटा, इत्तनपाड, पोटकल्ली, डब्बामरका, कोमनपाड, वेरमामुड, साकलेर, सल्लातोंग, कसालपाड, भट्टीगुडेम, दूरमा, टोण्डामरका, गुंडराजपदर, एलमागुंडा, कन्हाईमरका, पोट्टेमंगू, दुलेड, मिनपा, ताडमेटला, कुमोडतोंग, मरकनगुडा , रंगईगुडा एवं कोर्रापाड, की सर्चिग के लिए चिंतागुफा, किस्टाराम, चिंतलनार, पोलमपल्ली, बुरकापाल, कांकेरलंका एवं पालोडी थाना व कैंप से दो हजार से ज्यादा जवानों को सर्चिग के लिए रवाना किया गया था। यह पूरा इलाका सबसे अधिक खतरनाक और संवेदनशील है।

भाग खड़े हुए नक्सली

नारायणपुर जिले के पुंगारपाल एवं हाडेनार के जंगल में पुलिस नक्सली मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी मात्रा में नक्सलियों के सामान मिले हैं। एएसपी अनिल सोनी ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे नक्सलियों के कंपनी नंबर छह की मुठभेड़ हुई। दोनों ओर से फायरिंग चली। पुलिस पार्टी को भारी पड़ता देख नक्सली भाग खड़े हुए।

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