आज  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को चार वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और सबसे महत्वपूर्ण पाँचवे वर्ष का आगाज। 2019 चुनावी वर्ष है। मोदी सरकार को फिर जनता के पास जाना है। अपने कामकाज का हिसाब देना है। परीक्षा कठिन है, क्योंकि आपस में भयंकर मत और मन भेद रखने वाले राजनेता भी मोदी के विजयी रथ को रोकने के लिए एकजुट होने का प्रयास कर रहे हैं। मोदी सरकार के लिए राहत की बात यह है कि जनता का भरोसा उसके साथ है। साफ नीयत से किया गया सही विकास मोदी सरकार की विशेषता है। भ्रष्टाचार जहाँ कांग्रेस सरकार का स्वभाव बन गया था, वहीं मोदी सरकार ने चार वर्ष में भ्रष्टाचार मुक्त शासन की स्थापना की है। वर्ष २०१४ में १६ मई को जनता ने नरेन्द्र मोदी को देश का नेतृत्व करने का जनादेश दिया था। इस अभूतपूर्व जनादेश पर ब्रिटेन के ही सबसे प्रभावशाली समाचार पत्र 'द गार्जियनÓ ने 18 मई, 2014 को संपादकीय में लिखा था- 'अब सही मायने में अंग्रेजों ने भारत छोड़ा है (ब्रिटेन फाइनली लेफ्ट इंडिया)। अब भारत अपनी डेस्टनी लिखेगा।Ó यह तथाकथित 'मोदीभक्तÓ समाचार-पत्र नहीं है, आमचुनाव-२०१४ से पहले तक द गार्जियन नरेन्द्र मोदी का विरोध करता रहा। बहरहाल, द गार्जियन का यह आकलन सच साबित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चार साल के कार्यकाल में हम देखते हैं कि विश्व पटल पर भारत की धमक बढ़ी है। भारत के प्रभाव-प्रताप का तेज बढ़ा है। देश में भी सरकार ने विभिन्न मोर्चों पर नवाचार किए और सुशासन दिया है। आज पूरे विश्व में भारत की छवि एक उन्नत और समर्थ राष्ट्र की बन गई है। इसी के चलते विश्व के बड़े और शक्तिशाली देश भी भारत के प्रति सम्मान एवं सहयोग की भावना प्रकट कर रहे हैं। यह अपने आप में एक बड़ा मापदंड है कि देश के बाहर अंतरराष्ट्रीय मंच पर आपके देश की क्या स्थिति है। नरेंद्र मोदी को 2014 में देश जिस हालत में मिला था, चार वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने उसमे व्यापक सुधार ला दिया है। एक तरफ जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, फसल बीमा योजना, सौभाग्य योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, आयुष्मान योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से मोदी सरकार ने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की धारा को पहुँचाने का प्रयास किया है। वहीं, राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता के संदर्भ में आतंकवाद पर सीधे प्रहार की नीति को अपनाया है। पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब देने में अब भारतीय सैनिक कतई संकोच नहीं करते हैं। कश्मीर घाटी में ऑपरेशन चला कर कुख्यात आतंकियों का सफाया करने में भी सैनिकों को सफलता मिली है। वहीं, आर्थिक मोर्चे पर नोटबंदी जैसा बड़ा और अभूतपूर्व कदम उठाकर स्वच्छ अर्थव्यवस्था की पहल मोदी सरकार ने की। नोटबंदी से कई मोर्चों पर लाभ हुआ है। उसके बाद पुरानी कर व्यवस्था को हटाकर जीएसटी जैसी समयानुकूल व्यवस्था को लागू किया। इसके साथ ही डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया। स्वच्छता औ बेटी पढ़ाओ का संदेश देकर समाज जागरण का अभूतपूर्व आंदोलन उन्होंने खड़ा किया है। स्टार्ट अप योजना, कौशल विकास और मेक इन इंडिया के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोडऩे का काम भी किया है। मोदी सरकार की कई नीतियों की आलोचना भी की जा सकती है। कई अवसरों और क्षेत्रों में अपेक्षा के अनुरूप काम नहीं हो सका है। किंतु, चार वर्ष की यात्रा में सरकार ने जो कार्य किया है, वह सराहनीय है। इसलिए आज जब मोदी सरकार पाँचवे वर्ष में प्रवेश कर रही है, तब सरकार की दृष्टि 'साफ नीयत-सही विकासÓ का स्वागत कर उसे और अधिक महत्वपूर्ण कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। 

विदेश