रायपुर। ग्लोबल अडल्ट टोबैको सर्वे (गेट्स) ने प्रदेश में तंबाकू खाने वाले महिलापुरुषों की अलग-अलग रिपोर्ट जारी की है। इसके अनुसार प्रदेश में तंबाकू सेवन दर 14 फीसद घटी है। प्रदेश में वर्ष 2016-17 में तंबाकू खाने वाले 53.2 फीसद थे, वर्ष 2017-18 में यह आंकड़ा घटकर 39.1 फीसद पर आ गया।

सर्वे के अनुसार प्रेदश में तंबाकू सेवन करने वाली ग्रामीण महिलाओं की संख्या में 17 फीसद और शहरी क्षेत्र में 11 फीसद गिरावट दर्ज की गई है। स्वास्थ्य संचालक ने बताया कि तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि लोग सजग हों।

कलेक्टर के आदेशानुसार 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर तंबाकू उत्पादों के दुष्प्रभाव के प्रति आम जनता को जागरूक करने के लिए पार्षदों का सहयोग लिया जाएगा। 29 मई से 31 मई तक यह अभियान चलाया जाएगा।

कोटपा एक्ट 2003 के प्रावधानों को लागू करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, जशपुर, मुंगेली, गरियाबंद, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, बस्तर, कोरबा, सरगुजा व कांकेर आदि 14 जिलों में इसे संचालित किया जा रहा है।

प्रदेशभर में होगी कार्रवाई

प्रदेश के समस्त जिलों में मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा 29 से 31 मई तक विशेष अभियान चलाकर कोटपा 2003 के प्रावधानों के उल्लंघन पर चालानी और विधिक कार्यवाही की जाएगी। 31 मई को शहरी क्षेत्रों के पार्षद अपने-अपने वार्डों में सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पादों के उपभोक्ताओं को एक स्थान पर एकत्रित कर जागरूक करेंगे, तंबाकू उत्पादों को इकट्ठा कर इसे अभिशाप मानते हुए निष्पादित करवाने का सुझाव देंगे।

इस अवसर पर रैली का आयोजन कर रैली में भाग लेने वालों को तम्बाकू उत्पादों का सेवन न करने की शपथ दिलाई जाएगी। ट्रैफिक सिग्नलों पर तम्बाकू उत्पादों के दुष्प्रभाव बताए जाएंगे। जहां वीडियो स्क्रीन हैं, वहां स्वास्थ्य मंत्री तंबाकू नियंत्रण पर संदेश देंगे।

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