शहडोल के लालपुर में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने गरीबों के 5 लाख रुपए तक का इलाज नि:शुल्क करवाने की व्यवस्था की है। एक वर्ष पूर्व जब मैंने तेंदूपत्ता चुनने वाली बहनों के पैरों में चप्पल न होने का कारण पूछा तो जवाब व्यथित कर देने वाला था। उसी दिन चरण पादुका योजना का जन्म हुआ।

गरीब गर्भवती बहनों को 6वें से 9वें महीने के बीच 4 हज़ार रुपये दिये जायेंगे, ताकि वे फलों के साथ ही पौष्टिक आहार लें। प्रसव के बाद 12 हज़ार रुपये और उसके बैंक खाते में जमा किये जायेंगे। शिक्षा से ही गरीबी को मिटाया जा सकता है। इसलिए गरीब परिवारों के बच्चों की पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई की व्यवस्था की है। इनकी पूरी फीस प्रदेश सरकार भरेगी।

मध्यप्रदेश की ज़मीन पर जन्म लेने वाले हर गरीब को रहने की ज़मीन का मालिक बनाया जाएगा। जो गरीब घास-फूस की झोपड़ी में रहते हैं, उन्हें 4 साल में पक्का मकान दे दिया जाएगा। इसके साथ ही गरीब भाई-बहनों को ज़मीन के टुकड़े व वनों में ज़मीन का पट्टा भी दिया जाएगा। मजदूरों के कल्याण के लिए जन कल्याण योजना है, जो मजदूर हैं, जो आयकरदाता नहीं हैं, जिनके पास ढाई एकड़ से कम ज़मीन है, वो इस योजना के लिए पात्र हैं। अब तक अनूपपुर, शहडोल और उमरिया में कुल 6 लाख 70 हज़ार पंजीयन हो चुके हैं।

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