नई दिल्ली। रमजान का पाक महीना आज से शुरू हो गया और इस बार के रमजान की खासियत यह है कि इसमें पांच जुमे आएंगे और आखिरी जुमा 15 जून को पड़ेगा। 

रमजान इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र और इस्लामिक कलैंडर के अनुसार यह साल का नौवां महीना होता है। इस महीने में मुसलमान रोजा रखते हैं और रोजे के दौरान सूर्योदय से सूर्यास्त तक कुछ भी खाने-पीने की मनाही होती है। रमजान के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह को उनकी नेमत के लिए शुक्रिया करते हैं तथा महीने भर रोजे के बाद शव्वाह की पहली तारीख को ईद उद फितर मनाया जाता है।

ऐसा माना जाता है कि पैगंबर मोहम्मद साहब को वर्ष 610 लेयत उल कद्र के मौके पर पवित्र कुरान शरीफ का ज्ञान प्राप्त हुआ था। उसी समय से रमजान को इस्लाम धर्म में पवित्र महीने के तौर पर मनाया जाने लगा। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोगों को कुछ विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। रोजे रखने का अर्थ सिर्फ यह नहीं होता है कि आप सिर्फ भूखे-प्यासे रहें, बल्कि इस दौरान मन में बुरे विचार नहीं आने दें। रमजान के दौरान मुसलमानों को किसी की बदनामी करने, लालच करने, झूठ बोलने तथा झूठी कसम खाने से परहेज करना चाहिए।

रमजान के शुरुआती 10 दिनों को रहमतों का दौर माना जाता है और इसके अगले 10 दिनों को माफी का दौर कहा जाता है। इसके आखिरी 10 दिनों को जहन्नुम से बचने का दौर बताया जाता है। रमजान के महीने में मुसलमान ताक्वा प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। ताक्वा का मतलब ऐसा काम करना जो अल्लाह को पसंद हो। ऐसे कर्म करने से गुरेज करना जो अल्लाह का पसंद नहीं हो। 

केन्द्र सरकार ने रमजान के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाये रखने की दिशा में बड़ी पहल करते हुए सुरक्षा बलों को निर्देश दिये हैं कि वे जम्मू-कश्मीर में इस पवित्र महीने में किसी तरह का अभियान न चलायें।केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्विटर पर यह जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा बलों को रमजान के दौरान जम्मू- कश्मीर में अभियान नहीं चलाने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि सुरक्षा बलों पर हमला होने और निर्दोष लोगों की जान बचाने के लिए जवाबी कार्रवाई की जायेगी। सिंह ने कहा कि केन्द्र के फैसले की जानकारी मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को भी दे दी गयी है।

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