नई दिल्ली : आईपीएल के सीजन 11 में आठ टीमों के बीच प्लेऑफ के लिए जंग अब तेज होती जा रही है. हर मैच के साथ आईपीएल की अंक तालिका में टीमें ऊपर नीचे हो रहीं हैं. अब तक सभी टीमों के 12 मैच हो चुके हैं और अब तक केवल दो ही टीमें प्लेऑफ में जगह बनाने में कामयाब हो पाईं हैं. हैदराबाद 18 अंकों के साथ टॉप पर हैं और चेन्नई 16 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है.  अभी केवल दिल्ली ही ऐसी टीम है जो इस साल की आईपीएल के प्लेऑफ की दौड़ से पूरी तरह से बाहर हो चुकी है. 

इस तीन टीमों के अलावा पांच टीमें ऐसी हैं जो प्लेऑफ की दौड़ में बनी हैं और अब अगर मगर के गणित में उलझ गईं हैं.  उनके इस खेल में बाकी तीन टीमों की भी अहम भूमिका है. इसमें चेन्नई अपने दोनों मैच जीतकर अंक तालिका में टॉप पर बने रहना चाहती है जिससे उसे फाइनल में पहुंचने के लिए दो मौके मिल सकें. 

उल्लेखनीय है कि अंक तालिका में पहुंचने वाली टॉप दो टीमें क्वालिफायर 1 खेलेंगी जिसमें हारने वाली टीम को एक और मौका मिलेगा यह टीम अंक तालिका में तीसरी और चौथे नंबर की टीम के बीच हुए एलिमिनेटर मैच के विजेता से होगा जिसे क्वालिफायर 2 मैच कहा जाएगा. क्वालिफायर 2 का विजेता फाइनल में पहुंचेगा. वहीं क्वालिफायर 1 का विजेता को सीधे फाइनल में प्रवेश मिलेगा. 

अभी की बात करें तो पांच टीमों में से तीन कोलकाता, राजस्थान और पंजाब तीसरे चौथे और पांचवे स्थान पर हैं तीनों के 12 अंक हैं और उनकी रैंकिंग अभी रन रेट के आधार पर हैं. इस के बाद मुंबई और बेंगलुरु का नंबर है जिनके 10-10 अंक हैं. इसमें मुंबई का रन रेट +0.405 है जो बाकी सारी टीमों से भी ज्यादा है. लेकिन मुंबई के केवल 10 अंक होने की वजह से उसका रन रेट बाकी सभी टीमों से काफी ज्यादा है. 

काफी कुछ तय कर सकता है कोलकाता राजस्थान का मैच
मंगलवार को होने वाले कोलकाता और राजस्थान के बीच होने वाला मैच भी काफी कुछ तय कर देगा. लेकिन प्लेऑफ का गणित अभी उलझे ही रहने की संभावना ज्यादा है. आज जो टीम जीतेगी वह तो दौड़ में बनी रहेगी लेकिन इस जीत से ही उसके प्लेऑफ में पहुंचने की गारंटी नहीं हो सकेगी. क्योंकि बहुत कुछ उसके अंतिम मैच और बाकी टीमों के हाल पर भी निर्भर होगा. वहीं  हारने वाली टीम मुंबई और बेंगलुरु की श्रेणी में चली जाएगी. यानि उसके ज्यादा से ज्यादा 14 अंक हो सकेंगे ऐसे में उसे चौथे स्थान के लिए अपना आखिरी मैच जीतने के साथ दूसरी टीमों पर ज्यादा निर्भर रहना होगा. 

अगर मंगलवार को राजस्थान हारती है, तो उसे बेंगलुरु के खिलाफ 19 मई को होने वाले मैच में जीतना ही होगा. वहीं अगर यह मैच कोलकाता हारती है तो उसके सामने हैदराबाद को हर हाल में हराने की कठिन चुनौती होगी. 

मुंबई हो सकती सबसे के लिए बड़ी चुनौती
लेकिन जो भी हो मुंबई के अलावा बाकी हर टीम चाह रही होगी कि मुंबई कम से कम कोई एक मैच तो हार ही जाए जिससे उन्हें मुंबई के ज्यादा वाले नेट रन रेट से मुकाबला करने की नौबत न आए.  जबकि मुंबई के लिए दो मैच जितना उतना मुश्किल भरा नहीं होने वाला हैं. उसका एक मैच पंजाब से है और दूसरा मैच दिल्ली से है. 

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