नई दिल्ली: कर्नाटक चुनाव के नतीजे आने से पहले ही पेट्रोल-डीजल और महंगा हो गया है. 19 दिन बाद तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाने शुरू किए तो दो दिन में ही तेल कंपनियों ने पेट्रोल पर 32 पैसे और डीजल पर करीब 43 पैसे की बढ़ोतरी की गई है. दिल्ली में आज यानी मंगलवार को पेट्रोल 75 रुपए के पास पहुंच गया है. सोमवार के बाद मंगलवार को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल पर 15 पैसे की बढ़ोतरी की है. इससे पेट्रोल 5 साल के उच्चतम स्तर 74.95 पैसे पर पहुंच गया है. वहीं, डीजल की बात करें तो दिल्ली में इसका भाव 66.36 पर पहुंच गया है. डीजल का यह अब तक का रिकॉर्ड स्तर है.

दो दिन में बढ़ाए गए दाम
तेल कंपनियों ने 24 अप्रैल के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में रोजाना होने वाले बदलाव को बंद कर दिया था. लेकिन, कर्नाटक चुनाव की वोटिंग खत्म होते ही सोमवार से कंपनियों ने दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं. सोमवार को पेट्रोल पर 17 पैसे और डीजल पर 21 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी. पहले से तय था कि कंपनियां अपना नुकसान पूरा करने के लिए तेल के दाम में तेज बढ़ोतरी शुरू करेंगी. यही वजह है दो दिन में पेट्रोल 32 पैसे और डीजल 43 पैसे महंगा हो गया है.

एक महीने में डेढ़ रुपए महंगा हुआ पेट्रोल
पिछले एक महीने के ट्रेंड की बात करें तो पेट्रोल करीब 1.5 रुपए और डीजल पर करीब 2 रुपए बढ़ाए हैं. अप्रैल की शुरुआत में पेट्रोल के दाम 73.56 रुपए के पास थे. 15 मई तक यह दाम 75 रुपए तक पहुंच गए हैं. वहीं, डीजल की कीमतें पेट्रोल के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ी हैं. अप्रैल की शुरुआत में डीजल 64.96 के करीब था. 15 मई तक डीजल के दाम 66.35 पर पहुंच गए हैं यानी इसमें करीब दो रुपए का इजाफा हुआ है. 

क्यों बढ़ रहे हैं दाम
पेट्रोल-डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करते हैं. कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. ब्रेंट क्रूड जहां 78 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है वहीं, नायमैक्स पर क्रूड के दाम 71 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल चुकी हैं. इससे पहले कच्चा तेल 2014 में इतना महंगा हुआ था. करीब 4 साल के बाद कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. 

रुपए में कमजोरी भी है वजह
ऑयल मार्केटिंग कंपनियां अपने नुकसान को पूरा करने में जुटी हैं. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार कमजोर हो रहा है. रुपए का भाव 67 के पार निकल चुका है. यह रुपये का 15 महीने के निचला स्तर है. इसकी वजह से तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है. दरअसल, रुपए में कमजोरी से कंपनियों को कच्चा तेल महंगा मिल रहा है. यही वजह है कि घरेलू मार्केट में भी पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं.

अभी और बढ़ेंगे दाम
सीनियर एनालिस्ट अरुण केजरीवाल के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल की कीमतें अभी और बढ़ेंगी. 19 दिन तक कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ. जिसकी वजह से तेल कंपनियों को काफी नुकसान हुआ है. इसकी भरपाई के लिए कंपनियों को करीब 4-5 रुपए तक दाम बढ़ाने होंगे. ऐसे में पेट्रोल 3 और डीजल 4 रुपए तक महंगा हो सकता है. दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 76 रुपए और डीजल 68 रुपए का स्तर छू सकता है. 

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