अमेरिका और यूरोप सहित दुनिया का कई हिस्सों में इन दिनों फ्लू बेहद घातक बीमारी बन चुकी है। सिर्फ अमेरिका में ही इसने 85 व्यस्कों की और 30 बच्चों की जान ले ली है और ये लगातार फैलता जा रहा है। अब वैज्ञानिकों ने कहा है कि फ्लू का इलाज सिर्फ वैक्‍सीन (टीका) नहीं है बल्कि पर्याप्त नींद है। अगर लोग अपनी नींद पूरी करेंगे तभी फ्लू से बचा जा सकता है।

नींद पूरी नहीं करना है खतरनाक
विभिन्न अध्ययनों के बाद ये सामने आया है कि जो लोग ढंग से नहीं सोते हैं उनके अंदर फ्लू के टीके का असर कम होता है। इसके साथ ही उन्हें डायबिटीज और हार्ट की गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है। विशेषज्ञ क्रिस ब्रांटनर का कहना है कि सोना, एक बैटरी चार्ज करने जैसा है। सोने से शरीर चार्ज होता है और ये फ्लू के इलाज के लिए बहुत जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एक तिहाई अमेरिकी लोग डॉक्टरों की सलाह की बावजूद कम से कम सात घंटे की नींद नहीं लेते।
  
उम्र से हिसाब से इतने छंटे की सोना जरूर
ब्रांटनर का कहना है कि लोग फ्लू से बचने के लिए बार-बार हाथ धोने की बातें करते हैं, लेकिन कोई भी नींद पूरी करने के बारे में नहीं सोच रहा। उनका कहना है कि फ्लू से बचने के लिए 7-9 घंटे की नींद लें। नेशनल स्लीप फाउंडेशन की मानें तो 6-13 साल के बच्चों को रोज 9 से 11 घंटे सोना चाहिए। वहीं किशोरों के लिए दिन में 8-10 घंटे सोना जरूरी है। जब्कि 18 साल से ज्यादा के सभी लोगों को 7-9 घंटे की नींद लेनी ही चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि H3N2 इंफ्लूएंजा से बचने के लिए सोने के इन नियमों का पालन जरूर करें। बता दें कि फ्लू का टीका सिर्फ 34 प्रतिशत ही असरदार साबित हुआ है।

नींद से मजबूत होती है प्रतिरोधक क्षमता   
विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लू से लड़ने के लिए शरीर को नींद इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है। जब आप सोते हैं तो शरीर टी सेल्स पैदा करता है जो संक्रमित कोशिकाओं को मारने का काम करते हैं। इसके साथ ही शरीर की प्रतिरोधक प्रणाली खास तरह के प्रोटीन रिलीज करती है जो संक्रमित शरीर को ठीक करने के लिए जरूरी हैं। लेकिन अगर आप नींद पूरी नहीं करते हैं तो ये प्रोटीन और टी सेल्स की मात्रा कम हो जाती है, जो प्रतिरोधक प्रणाली को कमजोर बना देती है। 

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