भोपाल

चुनावी साल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के एडवोकेटों को बड़ी सौगात दी है। सीएम ने कहा है कि प्रदेश में जल्द ही एडव्होकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाएगा।सरकार विधानसभा के मानसून सत्र में इस संबंध में विधेयक प्रस्तुत करेगी। बता दे कि बीते कई सालों से प्रदेश के अधिवक्ता सरकार से इस एक्ट को लागू करने की मांग कर रहे थे, इसको लेकर वे कई बार हड़ताल , प्रदर्शन और विरोध भी दर्ज करवा चुके थे। सीएम की घोषणा के बाद से ही अधिवक्ताओं में खुशी की लहर है।

दरअसल, रविवार को सीएम शिवराज नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी में राज्य अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे, जहां उन्होंने इस एक्ट को लागू करने के साथ साथ कई अन्य सौगातों की भी घोषणा की। सीएम ने कहा कि  शासन का सबसे अच्छा स्वरूप लोकतंत्र है। इसकी मजबूती के लिये जनता का न्यायपालिका पर भरोसा होना आवश्यक है। समय पर निष्पक्ष न्याय दिलाने में न्यायाधिपतियों और अधिवक्ताओं की प्रमुख भूमिका होती है। 

वही उन्होंने मासूम के साथ बलात्कार के अपराधी को मात्र 23 दिन में दण्डित करने के लिये न्यायपालिका का अभिनंदन और आभार ज्ञापित किया। अधिवक्ताओं को आरंभिक जीवन में कई कठिनाइयों का सामना और संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार का पूरा सहयोग उन्हें हमेशा मिलेगा। अधिवक्ता कल्याण के बार काउंसिल के कार्यों में सरकार भरपूर सहयोग करेगी। राज्य सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों के कल्याण के कार्य समान रूप से किये जा रहे हैं।  समाज में समता के लिये राज्य सरकार सक्षम पर करारोपण कर अक्षम की मदद कर रही है।

अधिवक्ताओं को दी अनेक सौगातें

-ई-लायब्रेरी निर्माण में लगने वाली राशि का बजट में प्रावधान किया जायेगा।

-अधिवक्ताओं को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिये राशि उपलब्धता की सीमा अधिकतम पाँच लाख रूपये की जायेगी।

-अधिवक्ता की असामयिक मृत्यु पर चार लाख की राशि परिजनों को दी जायेगी। इस राशि में 2 लाख रूपये राज्य सरकार और 2 लाख रूपये बार काउंसिल द्वारा देय होगी।

-अधिवक्ता चेंबर निर्माण के लिये 50 प्रतिशत की मैचिंग ग्रांट सरकार देगी।

-नये अधिवक्ताओं को दिये जाने वाला अनुदान 12 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रूपये किया जायेगा।

 

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