मध्यप्रदेश के पश्चिमी भाग और राज्थान के दक्षिणी-पूर्वी भाग में स्थित मालवा क्षेत्र में दो हजार करोड़ रुपये का एक नया निवेश होने जा रहा है। लुधियाना (पंजाब) का नाहर ग्रुप यहां के धामनोद में कताई मिल शुरू करने वाला है। जिसके बाद यहां सूती धागा और कपड़ा बनाया जाएगा। राज्य सरकार ने दी जमीन

राज्य सरकार ने इस उद्योग कार्य के लिए नाहर ग्रुप को धामनोद के पास जैतपुरा पलासिया में करीब 200 एकड़ जमीन देने की मंजूरी दे दी है। इससे करीब 5,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। बता दें मालवा का अधिकांश भाग चंबल नदी तथा इसकी शाखाओं द्वारा संचालित होती है और इसका पश्चिमी भाग भी माही नदी से सिंचित है। 

सस्ता श्रम उपलब्ध है

 

औद्योगिक केंद्र विकास निगम इंदौर के एमडी कुमार पुरुषोत्तम के मुताबिक यहां कपास की प्रंमुख मंडी है। नाहर ग्रुप को भी इसी क्षेत्र में जमीन दी जा रही है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के विकास के लिए टेंडर हो चुके हैं। करीब डेढ़ साल में यह तैयार भी हो जाएगा। वहीं इस पर टैक्सटाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन कैलाश अग्रवाल का कहना है कि यहां सस्ता श्रम उपलब्ध है। इसके अलावा यहां कपास से जुड़े उद्योगों के लिए कच्चा माल भी आसानी से मिल जाता है।

गौरतलब है कि इस कंपनी की शुरुआत पंजाब स्थित लुधियाना में साल 1949 में हुई थी। बाद में कंपनी ने स्वतंत्र रूप से काम करना शुरू कर दिया। इससे पहले कंपनी ने लुधियाना में 1980 में स्पीनिंग और होजियरी यूनिट की शुरुआत की थी। इसके बाद धीरे-धीरे कंपनी का विस्तार होता गया। साथ ही कंपनी की एक अन्य उत्पादक यूनिट मंडीदीप में भी है। जहां मुख्य रूप से कॉटन और सिंथेटिक यार्न का निर्माण किया जाता है। 

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