छतरपुर|   टेक्नोलॉजी के युग में हर चीज आसान हो गई है वही रिश्तों के लिए भी अब कोई बंदिशे नहीं रही है| लेकिन इस मॉडर्न जमाने में भी लोग अपनी परम्परा को पूरा सम्मान दे रहे हैं| ऐसा ही नजारा देखने को मिला है विश्व पयर्टक स्थल खजुराहो में, जहां एक विदेशी गोरी मेम ने यहां के देसी छोरे से शादी की और हिन्दू रीति रिवाज को पूरा करते हुए सात फेरे लिए| यह शादी चर्चा का विषय बन गई है| 

देसी छोरे और गोरी मेम की कहानी सोशल मीडिया पर शुरू हुई| ऑनलाइन साइट्स से दोनों में दोस्ती हुई और फिर 7 साल तक चली दोस्ती प्यार में बदल गयी और फिर दोनों ने साथ रहने का फैसला किया फिर सात फेरों के बंधन में बंध गए। दोनों 4 साल पहले ही रूस में शादी कर चुके हैं, लेकिन खजुराहों पहुंचकर नवरात्रि के मौके पर दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से मंदिर में विवाह रचाया और अग्नि को साक्षी मानकर साथ जीने साथ करने की कसमें खाईं।

ऑनलाइन हुई दोस्ती फिर हुआ प्यार 

खजुराहो के रहने वाला अंजुल सिंह राजावत रूस के माॅस्को में रहकर होटल कारोबार चलाता है।  7 साल पहले उनकी मुलाकात रसिया की रहने वाली श्वेतालाना से एक ऑनलाइन चैटिंग साइट पर हुयी और लम्बे समय तक चैटिंग करते–करते बात दोस्ती तक जा पहुंची और यह दोस्ती परवान चढ़ गयी, जिसके बाद ये दोस्ती प्यार में बदल गयी। दो अलग देशों, संस्कृतियों और भाषाओं का प्रेमी-जोड़ा सब कुछ नजर अंदाज करते हुए हमेशा के लिए एक हो गया। खजुराहों में देशी दूल्हा और विदेशी दुल्हन की शादी धूमधाम से मां बघराजन देवी मंदिर से हिन्दू रीति रिवाज़ से की गयी।

चार साल पहले की कोर्ट मैरिज 

देसी दूहा और विदेशी दुल्हन को एक साथ देख सभी चकित थे, हालांकि दोनों की शादी 4 साल पहले ही हो चुकी है| उन्होंने कोर्ट में शादी कर ली थी। शादी करने के बाद दोनों वहां साथ- साथ रह रहे हैं। कुछ दिनों पहले अंजुल श्वेतालाना और उसके परिजनों को साथ लेकर खजुराहो आया। यहां की संस्कृति सभ्यता से प्रभावित श्वेतालाना ने खजुराहो में हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने की बात उसके सामने रखी। जिससे सभी खुश हुए और बुधवार को दोनों ने खजुराहो के बघराजन मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। इस शादी में वधु श्वेतालाना के भाई- बहन व परिजन भी रूस से आकर इस कार्यक्रम में शामिल हुए और पूरे रीति रिवाज से उन्होंने दोनों की शादी करवाई| 

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