नई दिल्ली। हमारे खानपान में कई ऐसे फूड हैं जिन्हें आज के समय में काफी उपयोग में लाया जाता है। लेकिन ये फूड्स किसी भी लिहाज से आपके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी नहीं हैं। लोगों के पास समय ही नहीं है कि घर पर चीजों को तैयार करें जिसके कारण प्रोसेस्ड फूड्स, कैन्ड फूड्स, आर्टिफिशियल स्वीटनर्स आदि का उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है।

यहां ऐसे ही फूड्स के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आपको तुरंत डाइट से हटा देना चाहिए:

पैक्ड आइस टी:

जब पहले से मिक्स आइस टी पीते हैं तो आप सामान्य रूप से शक्कर (और आर्टिफिशियल स्वीटनर्स) और पानी पी रहे हैं। इसमें कुछ अच्छा नहीं है। इस ड्रिंक में लगभग कोई एंटीऑक्सीडेंट्स नहीं है। इसलिए क्योंकि चाय की पत्तियों को लो प्रेशर पर एक्सपोज किया जाता है और फिर सूखा कर फ्रीज करते हैं। आखिर में इंस्टेंट आइस टी के लिए इसका पाउडर बनाते हैं। अगर आप चाहते हैं, तो बेहतर है कि घर पर आइस टी बनाएं और पिएं।

एडेड शुगर: 

आजकल लोग काफी प्रोसेस्ड फूड्स खाते हैं। सभी शुगर से भरे होते हैं- पैक्ड ज्यूस, फ्लेवर्ड योगर्ट, कैन्ड फ्रूट्स, सेरेल बार्स, कुकीज और यहां तक की केचअप और सलाद ड्रेसिंग भी। मान लो आपने लगभग 350 ml का रेग्यूलर कोला का कैन लिया तो इसमें लगभग 40 ग्राम या 10 चम्मच शक्कर होती है। किसी बिस्किट के पैकेट के लेबल को देखिए। इनग्रेडिएंट्स वेट का लगभग एक तिहाई शक्कर होता है। जो कि बहुत ज्यादा है। अतिरिक्त शुगर आपके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है।

आर्टिफिशियल फूड कलरिंग: 

एक सिंथेटिक लेमन यलो अजो डाई टार्ट्राजिन आमतौर पर स्वीट्स और ऑरेंज ड्रिंक से लेकर सेरेल्स, चिप्स तक रहता ही है। इसमें कम्पाउंड्स बेंजीडाइन और 4-एमिनोबी-फेनिल होता है। यह हाइपरएक्टिविटी से लेकर अस्थमा और माइग्रेन में कैटलिस्ट की तरह काम करता है।

स्पोर्ट्स ड्रिंक्स: 

केवल एथलिस्ट्स ही नहीं एक अच्छी स्पोर्ट्स ड्रिंक का हर कोई फायदा लेता है। लेकिन कमर्शियल स्पोर्ट्स ड्रिक्स में केमिकल्स होते हैं जो कि आपको अवॉइड करने चाहिए जैसे मोनोपोटेशियम फॉस्फेट और मिस्ट्री 'नैचुरल फ्लेवर्स' और आर्टिफिशियल डाइ।

कैन्ड फूड: 

इसमें कोई शक नहीं कि कैन्ड फूड्स सुविधाजनक होते हैं जैसे सूप, ग्रैवी, टमेटो प्रोड्क्ट्स आदि और लगातार पॉपुलर भी हो रहे हैं। लेकिन अधिकांश कैन्स केमिकल कम्पाउंड्स बीपीए या बिसफेनोल ए से जुड़ा होता है। इससे ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है, साथ ही न्यूरोलॉजिकल डिस्ऑर्डर, इनफर्टिलिटी और टाइप 2 डायबिटीज की संभावना बढ़ जाती है। बीपीए को एन्डोक्राइन डिस्रूप्टर के रूप में भी जाना जाता है जो कि आपका मोटापा बढ़ाता है।

फ्रेंच फ्राइज: 

एक्रिलमाइड कैंसर पैदा करने वाला केमिकल है जो कि कुछ खाद्य पदार्थों में बनता है जब उसे उच्च तापमान पर गर्म करते हैं, तलते या भुनते हैं। इसमें विशेष रूप से हाई कार्बोहाइड्रेट फूड्स जैसे पोटेटो चिप्स, फ्रेंच फ्राइड, फ्राइड चिकन, डोनट्स आदि शामिल हैं।

आर्टिफिशियल स्वीटनर्स: 

यह आमतौर पर माना जाता है कि डाइट सोडा और आर्टिफिशियल स्वीटनर्स वजन कम करने में हमारी मदद करते हैं क्योंकि इसमें कोई शुगर या कैलोरी नहीं होती है। बल्कि आर्टिफिशियल स्वीटनर्स वजन बढ़ने का कारण हो सकता है क्योंकि आर्टिफिशियल स्वीटनर के अणु ऐसे होते हैं कि वह दिमाग को इस बात के लिए कन्विंस कर लेते हैं कि यह रियल शुगर है इसलिए बॉडी आर्टिफिशियल शुगर मेटाबोलाइज करने की मदद करने के लिए इंसुलिन रिलीज करता है। वास्तल में तो इसमें कोई शुगर नहीं होती है, तो एक्सेस इंसुलिन अन्य काम करते हैं जो कि शरीर को फैट स्टोर करने का सिग्नल देते हैं। इसलिए ज्यादा डाइट सोडा पीना अच्छा नहीं है।

माइक्रोवेव पॉपकॉर्न: 

पॉपकॉर्न खाना बच्चों ही नहीं बड़ों को भी खूब पसंद है लेकिन अगर आप पॉपकॉर्न को माइक्रोवेव में बना रहे हैं तो आज ही ये आदत बदल दें। माइक्रोवेव पॉपकॉर्न बटर फ्लेवर्ड नहीं बल्कि हानिकारक केमिकल एजेंट डिस्सेटिल होता है। यह प्रिजर्वेटिव अल्जाइमर का कारण बन सकती है।

सलाद ड्रेसिंग: 

हम सभी जानते हैं कि सलाद खाना बहुत हेल्दी है लेकिन गलत सलाद ड्रेसिंग इससे होने वाले फायदे को बिगाड़ सकती है। वसा, लवण, शर्करा, आर्टिफिशियल फ्लेवर्स, रंग और हाई फ्रूटोज कोर्न सिरप (एचएफसीएस), एमएसजी जैसे बहुत सारे एडिटिव्स उसमें रहते हैं। ऐसे केमिकल भी है जो कि शाइन और अपील बढ़ाते हैं। इसलिए होम मेड सलाद ड्रेसिंग ही लें।

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