मल्टीमीडिया डेस्क। भारत ही नहीं दुनियाभर में लोग भविष्य को जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। दुनियाभर में इसके लिए कई विधाएं चलन में हैं। मगर, भारत की बात हो, तो अधिकांश लोग कुंडली पर विश्वास करते हैं।

भविष्य की बात जाननी हो, विद्या का पता करना हो, जातक के व्यक्तित्व का पता करना हो, या शादी के लिए पति-पत्नी के भविष्य में संबंध की जानकारी करनी हो, लोग कुंडली पर विश्वास करते हैं।

दरअसल, किसी जातक की कुंडली उसके जन्म के समय आकाश में ग्रह एवं नक्षत्रों का नक्शा होता है। इसके आधार पर ही किसी व्यक्ति का स्वभाव, शिक्षा और वैवाहिक जीवन का पता चलता है। भारत में शादी सिर्फ इस जन्म तक का बंधन नहीं होती है। इसे सात जन्मों का संबंध माना जाता है।

लिहाजा दो लोगों के संबंध भविष्य में कैसे रहेंगे, इसे जांचने के लिए कुंडली मिलान किया जाता है। यह पूरी तरह से विज्ञान और गणनाओं पर आधारित शास्त्र है।

दुल्हन और दुल्हन के जन्म कुंडली के मिलान में गुण और भकुट मिलान किया जाता है। कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर यह भी बता सकती है कि क्या शादी के बाद जातक और उसकी पत्नी के रिश्ते में भविष्य में समस्याएं होंगी या वह अच्छा चलेगा।

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