नई दिल्ली। एजेंसी
देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी टीसीएस ने अपनी रेवेन्यू बढ़ाने के लिए चौथे चरण की योजना पर काम शुरू किया है। इसके तहत कंपनी अपनी डिजिटल रेवेन्यू 5 अरब डालर करना चाहती है। इसके लिए कंपनी ने नई तकनीक जैसे ऑटोमेशन, क्लाउड और इंटरनेट ऑफ थिंग्स पर फोकस बढ़ाने की योजना पर इस साल काम शुरू किया है।
कंपनी के सीईओ ने साझा की जानकारी
टीसीएस के सीईओ और प्रबंध निदेशक राजेश गोपीनाथन ने भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि कंपनी की लीडरशिप ने तय किया है कि ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से समाधान पेश किए जाएंगे, जिसमें डिजिटल टेक्नोलॉजी के माध्यम से ट्रांसफार्मेशन में मदद करेंगे। डिजिटल टेक्नोलॉजी के कई पहलू हैं जिनमें क्लाउड, ऑटोमेशन, एनालेटिक्स से लेकर एलओटी तक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ग्राहक कई तरह की टेक्नोलीजी की तरफ देख रहे हैं, और हर तकनीक का अपना महत्व है।
नई तकनीक से ग्राहकों को कारोबार में मिलेगी मदद 
उन्होंने कहा कि टीसीएस चौथे चरण के तहत ग्राहकों को अपना कारोबार इंट्रीग्रेट करने में मदद करेगी। इसके लिए होलिस्टिक फैमवर्क तैयार करने में मदद की जाएगी। इससे ग्राहक अपना समय कारोबार को बढ़ाने में लगा सकेंगे।
 उन्होंने कहा कि आज डिजिटल अपर्चयुनिटी दुनियाभर में कारोबारियों के लिए मददगार साबित हो रही है।
पिछले साल 3 अरब डालर का डिजिटल कारोबार से रेवेन्यु मिला
गोपीनाथन ने बताया कि पिछले साल कंपनी को डिजिटल कारोबार से 3 अरब डालर की आय हुई थी। उन्होंने कहा कंपनी को आशा है कि उसे इस साल 4.7 अरब डालर की डिजिटल रेवेन्यु हासिल होगी।
 

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