देश के कई राज्यों से एटीएम में कैश की किल्लत की शिकायतें आ रही हैं. लेकिन चुनावी राज्य कर्नाटक के साथ ऐसा नहीं है. कर्नाटक से अब तक आयकर विभाग 4.13 करोड़ रुपये बरामद कर चुका है, जिसमें से 97 प्रतिशत 2000 और 500 रुपये के नोट थे. जानकारी के मुताबिक, ये रुपये चुनाव में खपाने के लिए लाए गए थे.

कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और इसी दौरान बेंगलुरु आयकर विभाग अब तक 4.13 करोड़ रुपये और 1.32 करोड़ का 4.52 किलो सोना ज़ब्त कर चुका है. सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात है कि इस जब्त की गई रकम में 97 प्रतिशत करेंसी 2000 और 500 के बड़े नोटों के रूप में  हैं.

आप सोच रहे हैं कि डिमोनेटाइजेशन के बाद चुनाव में कैश बंटने बंद हो जाएंगे तो आप गलत हैं. कर्नाटक चुनाव में इन दिनों धड़ल्ले से कैश बांटे जा रहे हैं. पिछले दिनों देश के कई राज्यों में कैश की किल्लत की खबरें आई थी लेकिन ऐसा लग रहा है कि कर्नाटक में नेताओं के पास कैश की भरमार है.

साल 2013 के विधानसभा और 2014 में लोकसभा चुनाव में आचार संहिता के दौरान जितने कैश जब्त किए गए थे, उससे दोगुना कैश इस बार पुलिस ने जब्त किया है.

कर्नाटक में 12 मई को चुनाव होने हैं और ऐसे में कैश को लेकर आयकर विभाग ने अपनी जांच-पड़ताल तेज़ कर दी है. इसके अलावा एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर पर भी पैनी नज़र रखी जा रही है.

जांच-पड़ताल में पता चला है कि इस तरह का कैश चुनाव में बांटने के लिए इस्तेमाल में लाया जाना था. चुनाव आयोग के अधिकारी ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान इस तरह से पैसे नही बांटे जा सकते.

आयकर विभाग ने आम जनता को चुनावों से संबंधित शिकायतों के लिए चौबीस घंटे का कंट्रोल रूम सेटअप तैयार किया गया है. इसके अलावा कर्नाटक में चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया के मद्देनज़र ब्लैक मनी और वोटरों को लुभाने के लिए दिए जाने वाले रिश्वत जैसी अवैध गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए कुछ लोगों की नियुक्ति भी की है.

विदेश