नई दिल्ली। एजेंसी
अपने दोस्त पाकिस्तान के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी से चीन बौखला गया और उसके समर्थन में उतर आया। पाक को आतंक निर्यात फैक्टरी कह जाने के बाद चीन ने आतंकवाद रोधी कोशिशों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहयोग की अपील की। 
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांगा समर्थन 
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि आतंकवाद रूपी दुश्मन का सब सामना कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसके खिलाफ लडऩे के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें आशा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय आतंकवाद का मुकाबला करने में पाकिस्तान की कोशिशों का समर्थन करेगा और इस बारे में उसके साथ प्रभावी सहयोग कर सकता है। दरअसल मोदी ने बुधवार को लंदन में भारत की बात, सबके साथ  कार्यक्रम में कहा था कि भारत आतंकवाद का निर्यात करने वालों को बर्दाश्त नहीं करेगा और उन्हें उस भाषा में जवाब देगा जो वह समझते हैं। उन्होंने नियंत्रण रेखा ( एलओसी ) पार 2016 में किए गए र्सिजकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए यह कहा था। एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले हुआ की यह टिप्पणी आई है। 
बैठक अगले हफ्ते शुरूआत होने वाली
यह बैठक अगले हफ्ते की शुरूआत में होने वाली है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 24 अप्रैल को होने वाली बैठक में भाग लेने के लिए शनिवार यहां पहुंच रही हैं। वह अपने चीनी समकक्ष वांग यी से रविवार को मिलने वाली हैं। वहीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण उसी दिन एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में शरीक होंगी। आठ सदस्यीय संगठन में भारत और पाकिस्तान को शामिल किए जाने के बाद यह इसकी प्रथम बैठक है। इस संगठन में चीन और रूस अहम भूमिका निभाते हैं।

 
इस साल जून में चीन में होने वाले एससीओ के सम्मेलन में भी मोदी शरीक होने वाले हैं। हुआ ने कहा कि आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में चर्चा होगी। 

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