वाशिंगटन। एजेंसी
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने सौर मंडल के बाहरी ग्रह यानी एक्सोप्लैनेटों की खोज के लिए द ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सेटेलाइट (टीईएसएस) को लांच कर दिया है। गुरुवार की सुबह 4:21 पर फ्लोरिडा स्थित केप कैनावेरल एयर फोर्स स्टेशन से इस सेटेलाइट को स्पेस एक्स के फॉल्कन 9 रॉकेट पर लांच किया गया। पहले इसे सोमवार को ही लांच किया जाना था लेकिन कुछ तकनीकी दिक्कतों से इसे गुरुवार तक टाल दिया गया। एक्सोप्लैनेट की खोज के लिए टीईएसएस नासा का दूसरा मिशन है। इसके पहले नासा के केपलर टेलीस्कोप ने 2600 से अधिक एक्सोप्लैनेटों की खोज की थी। ये ग्रह पृथ्वी से 300 और तीन हजार प्रकाश वर्ष की दूरी के बीच स्थित तारों का चक्कर लगा रहे थे। टीईएसएस मिशन 30 से लेकर 300 प्रकाश वर्ष की दूरी में स्थित तारों का चक्कर लगा रहे ग्रहों की खोज करेगा। इस अभियान के लिए ट्रांजिट तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। दरअसल, जब भी कोई ग्रह अपने तारे के सामने से गुजरता है तो एक गहरी परछाई बनती है जिसे ट्रांजिट कहते हैं। इनके अध्ययन से ग्रह का पता लगाना आसान होता है। बाद में वैज्ञानिक स्पेकट्रोस्कोपी तकनीक का इस्तेमाल कर खोजे गए ग्रह के द्रव्यमान, घनत्व, वायुमंडल आदि की जानकारी जुटाते हैं। दो साल तक चलने वाले मिशन के लिए आसमान को 26 सेक्टर में बांटा गया है। यह स्पेसक्राफ्ट अपने वाइड-फील्ड कैमरा का इस्तेमाल कर पहले साल में दक्षिण दिशा के 13 सेक्टर और दूसरे साल में उत्तर दिशा के अन्य 13 सेक्टरों में खोज करेगा। नासा के वैज्ञानिक थॉमस जुरबुचेन ने कहा, हम सब टीईएसएस मिशन के शुरू होने पर बहुत उत्साहित हैं। हमें उम्मीद है कि इससे जीवन की संभावना वाले नए ग्रहों का पता चलेगा।

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