स्वदेश सवंाददाता। भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के सिविल सर्विस के अधिकारियों को जमकर नसीहतें दीं। उन्होंने कहा कि अधिकारी ईगो न पालें। ईगो से टकराहट और गुटबाजी होती है, इसकी वजह से तनावपूर्ण माहौल बनता है। कई बार अधिकारियों के बीच की टकराहट तो भारत-पाक जैसी तनावपूर्ण नजर आती है। सिविल सर्विस के अधिकारी आठ घंटे की ड्यूटी न समझें, जनता के काम को करने के लिए मिशन की तरह जुटें। यह बातें मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को प्रशासन अकादमी में सिविल सर्विस डे पर आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'हमारे पास कई जुनूनी आईएएस-आईपीएस अधिकारी हैं तो कई सामान्य। अधिकारी यह बिल्कुल न समझें कि उनकी नौकरी सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक आठ घंटे की है। जनता की सेवा तो एक मिशन है जिससे देश को बदला जा सकता है। प्रदेश में 'सब परफेक्टÓ नहीं हैं, लेकिन पहले से अच्छे काम हुए हैं। कार्यक्रम में आईएएस, आईपीएस और आईएफएस प्रमुखों के अलावा बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रमुख सचिव, कलेक्टरर्स व अन्य अधिकारियों को पुरस्कृत भी किया है।

हमें लोगों का भाग्य बदलना है
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम खुद को झोंक दें, यह एक जिम्मेदारी होना चाहिए। हम आराम के लिए नहीं है। हमें लोगों का भाग्य बदलना है। हमारे अंदर एक तड़प होनी चाहिए। लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रोडमेप होना चाहिए। जो ऐसा करते हैं लक्ष्य को पाते हैं। कई बार चुनौतियां आती हैं चाहे वे कानून-व्यवस्था की हों या जीवन से संबंधित हों। उन्होंने कहा कि रास्ता निकालने में हमारे कई अधिकारी माहिर हैं। मुख्यमंत्री की नसीहत पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने कहा कि यह बात सामान्य तरीके से कही गई है। इन हाउस बात को इन हाउस की तरह ही लेना चाहिए।

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