प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में फसल बेचने के लिये आने वाले किसानों को मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा अनेक तरह की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। किसानों को अपनी फसल बेचने के बाद सुविधाजनक तरीके से कृषि उपज मंडी परिसर में भोजन मिल सके, इसके लिये किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने मंडी प्रांगण में ही रियायती दर पर भोजन योजना संचालित की है।

रियायती दर भोजन योजना में प्रदेश की 257 कृषि उपज मंडियों में किसानों को 5 रुपये थाली की दर पर भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। मंडी बोर्ड ने योजना के संचालन के लिये एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि अनुदान के रूप में कृषि उपज मंडियों को दी है। किसानों की रियायती दर पर भोजन व्यवस्था प्रदेश की 'क' और 'ख' श्रेणी की मंडी समितियों द्वारा स्वयं के स्त्रोतों द्वारा चलायी जा रही है। जबकि 'ग' और 'घ' श्रेणी की मंडियों में भोजन व्यवस्था के लिये राज्य सरकार द्वारा अनुदान राशि दी जा रही है।

कृषि विपणन पुरस्कार योजना

प्रदेश के किसान अपनी उपज को मंडी परिसर में ही लाकर बेचें, इसके लिये मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा कृषि विपणन पुरस्कार योजना चलाई जा रही है। योजना में कृषि उपज मंडी समितियों में वर्ष में दो बार नर्मदा जयंती और बलराम जयंती के मौक पर ड्रा निकाले जाते हैं।

प्रदेश की 'क' श्रेणी की मंडी में बम्पर ड्रा पर विजेता किसान को 35 हार्स पावर का ट्रेक्टर और 'ख', 'ग' और 'घ' श्रेणी की मंडी में ड्रा के अनुसार विजेता किसान को 50 हजार रुपये मूल्य तक के कृषि यंत्र दिये जाते हैं। इसके अलावा मंडियों में किसानों को नगद पुरस्कार भी दिये जा रहे हैं। पिछले दो सालों में 880 किसानों को डेढ करोड़ रुपये के पुरस्कार प्रोत्साहन स्वरूप दिये गये हैं।

प्रदेश में मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड तीन स्तरीय संस्था है जिसका मुख्यालय भोपाल में और 7 आँचलिक कार्यालय भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, जबलपुर एवं रीवा में हैं। प्रदेश में 257 मंडियां और 287 उप मंडियां कार्यरत हैं। प्रदेश में हॉट-बाजारों की संख्या 1321 है।

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