मध्यप्रदेश में स्वाइल हेल्थ-कार्ड योजना में अब तक 90 लाख से अधिक स्वाइल हेल्थ-कार्ड किसानों को नि:शुल्क बाँटे जा चुके हैं। इस योजना में किसानों के खेतों से ग्रिड आधारित मृदा नमूने एकत्र कर 12 मापदण्डों के परीक्षण परिणाम के आधार पर प्रति दो वर्ष के अंतर पर किसानों को नि:शुल्क स्वाइल हेल्थ-कार्ड वितरित किये जा रहे हैं

स्वाइल हेल्थ-कार्ड योजना में एकत्रित मृदा नमूनों के विश्लेषण परिणाम के आधार पर किसानों को फसल अनुसार मुख्य पोषक तत्व एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों और उर्वरकों की मात्रा की सलाह दी जा रही है। प्रदेश में मृदा का स्वास्थ्य बनाये रखते हुए अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने के लिये किसानों को संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाये जाने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है।

स्वाइल हेल्थ-कार्ड योजना के पहले चरण में वर्ष 2015-16 और 2016-17 में कृषि संगणना-2011 के मान से राज्य की 88 लाख 72 हजार कृषि जोतों से 23 लाख 14 हजार ग्रिड मृदा नमूने एकत्र किये गये। तत्पश्चात मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला में विश्लेषण के बाद 90 लाख से अधिक स्वाइल हेल्थ-कार्ड किसानों को नि:शुल्क उपलब्ध करवाये गये हैं।

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की 50 और कृषि विज्ञान केन्द्र की 28 मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला में मृदा के पोषक तत्वों का परीक्षण किया गया। किसानों को विकासखण्ड-स्तर पर मिट्टी नमूना परीक्षण की सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से 265 और नई मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना की जा रही है। जिला-स्तर पर राजपत्रित-स्तर के अधिकारी को स्वाइल हेल्थ-कार्ड का नोडल अधिकारी बनाया गया है। स्वाइल हेल्थ-कार्ड के वितरण और मिट्टी परीक्षण के संबंध में राज्य-स्तर पर लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है।

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