मोहाली : पंजाब और चेन्नई के बीच हुए आईपीएल के 12 वें मैच में चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने पूरे रंग दिखाते हुए शानदार बल्लेबाजी कर समां बांध दिया. धोनी ने अपने पीठ दर्द के बावजूद 44 गेंदों पर शानदार 79 रन बनाए जिसमें से 47 रन केवल आखिरी चार ओवर में बनाकर पंजाब के खिलाड़ियों और फैंस के होश उड़ा दिए. 198 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए धोनी अपनी टीम का स्कोर केवल 193 तक ही पहुंचा सके थे जिससे उनकी टीम 4 रन से हार गई. लेकिन इसके बावजूद धोनी की पारी ने सभी का दिल जीत लिया. 

धोनी को पीठ में दर्द के कारण बल्लेबाजी में परेशानी हो रही थी, लेकिन वह क्रीज पर डटे रहने के बावजूद अपनी टीम की नैया पार नहीं करा सके. उन्होंने 44 गेंद का सामना करते अपनी पारी में छह चौके और पांच छक्के जड़े. अंतिम पांच ओवर में चेन्नई सुपरकिंग्स को जीत के लिये 76 रन की दरकार थी जो धोनी की परेशानी को देखते हुए असंभव ही दिख रहा था. 18वें और 19वें ओवर में 19-19 रन जोड़ने के बावजूद उन्हें अंतिम छह गेंद में 17 रन चाहिए थे जिसमें वह 12 रन ही बना सके. 

इस पारी में पीठ की चोट के बावजूद धोनी ने एक छक्का केवल एक ही हाथ से लगाया. यह लॉफ्टेड शॉट को भी काफी सराहा गया. लॉफ्टेड शॉट के लिए बल्लेबाज को शरीर इस तरह रखना होता है कि वजन शॉट पर हो. किंग्स ईलेवन पंजाब के खिलाफ कल खेले गये आईपीएल मैच में धोनी हालांकि चोट से परेशान थे फिर भी वह गेंद को आसानी से सीमा रेखा के पार भेज रहे थे.
 
   'मुझे अपनी भुजाओं पर भरोसा है' 
मैच के बाद प्रतिक्रिया देते हुए धोनी ने कहा कि पंजाब की ओर से उम्दा गेंदबाजी की गई जिसके चलते हम हार गए. धोनी से जब पूछा गया कि पीठ दर्द के बाद भी वह लॉफ्टेड शॉट कैसे मार रहे थे, तो धोनी ने कहा, ‘‘दर्द के कारण पीठ की स्थिति काफी खराब है लेकिन भगवान ने मुझे ताकत दी है और शॉट खेलने के लिए मुझे पीठ का ज्यादा इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं. मेरे हाथ ये काम कर सकते हैं.’’ धोनी ने हालांकि कहा कि यह बहुत गंभीर चोट नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत बुरा नहीं होना चाहिए क्योंकि मुझे पता है क्या हुआ है. जब आपको अपनी चोट की गंभीरता के बारे में पता हो तो आप जानते हैं कि यह कितना बुरा है.’’  
इस मैच में धोनी को  पीठ दर्द की शिकायत तब हुई. जब धोनी अपनी टीम के लिए बल्लेबाजी कर रहे थे. 12 ओवर निकल चुके थे. चेन्नई का स्कोर तीन विकेट पर 101 रन हो पाया था. इस समय चेन्नई को 48 गेंदों में 97 रन चाहिए थे. उनके साथ अंबाती रायडू क्रीज पर मौजूद थे. इस समय दोनों ही खिलाड़ियों को पंजाब कि स्पिन गेंदबाजी का सामना करने में काफी दिक्कतें आ रही थीं और वे बड़े शॉट्स नहीं लगा पा रहे थे. कई लोगों का मानना है कि अगर धोनी को पीठ की समस्या नहीं होती तो चेन्नई की जीत पक्की होने के साथ आसान भी हो जाती. 

 पीठ दर्द के बाद भी धोनी ने मैदान में चुस्ती से वापसी की और कई रन दौड़ कर तेजी से पूरे भी किए लेकिन पारी के अंतिम ओवरों में धोनी पर उनके दर्द का असर साफ दिखाई दिया और वे दौड़ कर रन लेने में असहज दिखाई दिए आखिरी ओवर में तो उन्होंने दौड़कर रन ही नहीं लिया. 

चेन्नई की हार के बावजूद धोनी की पारी ने सभी का दिल जीत लिया. फैंस के अलावा कई दिग्गजों ने धोनी की एक सुर से तारीफ की.

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