नई दिल्ली। एजेंसी
दालों का रिकॉर्ड उत्पान किसानों के लिए नई प्रॉब्लम लेकर सामने आ गया है। इस समय देश की प्रमुख मंडियों में दालों की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से करीब 25 फीसदी कम है। यहीं नहीं आने वाले समय में कीमतों में तेजी की भी उम्मीद कम है। ऐसा इसलिए है क्योंकि विश्व व्यापार संगठन के नियमों के मुताबिक, सरकार को एक तयशुदा मात्रा तक आयात करना भी जरूरी है,ऐसे में कीमतें बढऩे के आसार काफी कम हैं।
रिकॉर्ड उत्पादन 
कृषि मंत्रालय के अनुसार 2017-18 के दौरान दलहनों का कुल उत्पादन रिकॉर्ड 23.95 मिलियन टन तक अनुमानित है जो विगत वर्ष के दौरान प्राप्त 23.13 मिलियन टन के उत्पादन की तुलना में 0.82 मिलियन टन अधिक है। इसके अतिरिक्त, 2017-18 के दौरान दलहनों का उत्पादन पांच वर्षों के औसत उत्पादन की तुलना में 5.10 मिलियन टन अधिक है। ज्यादा उत्पादन होने की वजह से बाजार में कीमतों पर प्रेशर बना हुआ है।
ऐसे पड़ रही है किसान पर मार 
भारत में सबसे ज्यादा खपत होने वाली तूअर का केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य 5450 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। इस समय इसका बाजार भाव औसतन 4100 से 4300 रुपए  प्रति क्विंटल चल रहा है। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के दलहन किसानों को एमएसपी से करीब  25 फीसदी तक कम दाम मिल रहे हैं। यहां खास बात ये है कि तूअर/अरहर का पीक सीजन जा चुका है।

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