नई दिल्ली। आपने अपना ब्रेकफास्ट किया? यदि नहीं, तो आपको गुस्सा आना या चिड़चिड़ा होना, एक सामान्य बात है। जब आप भूखे होते हैं तो मूड बिगड़ जाता है। वास्तव में यह आपकी गलती नहीं है। आपकी इस तकलीफ के पीछे एक शारीरिक कारण है। जब हम भूखे होते हैं तो हमारे ब्लड ग्लूकोज कारण चिड़चिड़ापन आता है। यह कुछ ऐसा है जैसे कि आपकी डायबिटीज ड्रॉप हो जाती है और मूडी व कंफ्यूज्ड हो जाते हैं। हम जो फूड्स खाते हैं उसे हमारा शरीर एमीनो एसिड, फैट्स और शुगर में बदलता है यानी ग्लूकोज उनमें से एक है। जब इसकी कमी हो जाती है तो मूड चेंज होता है।

हमारा मस्तिष्क साधारण शुगर पर निर्भर करता है जैसे ग्लूकोज। अगर इसमें गिरावट आती है तो आप बुनियादी काम भी अच्छे नहीं कर पाते और चरम स्थितियों में आपको चक्कर आना या बोलने में हकलाने की स्थिति पैदा हो जाती है।

ब्लड ग्लूकोज को रेग्यूलेट करना हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग होता है। जिम में खूब कसरत के बाद, कुछ लोग रिलेक्स महसूस कर सकते हैं तो कुछ में गुस्सा ज्यादा आ जाता है।

लो ब्लड शुगर और गुस्से के बीच इतना मजबूत संबंध है कि एक 1984 की स्टडी में लोगों की हिंसा पहचानने में सक्षम हुए जिन्हें ब्लड ग्लूकोज को रेग्यूलेट करने में समस्या थी।

ब्लड में लो ग्लूकोज होने पर ब्रेन कुछ ऑर्गन्स को आपको स्तर बढ़ाने के लिए संदेश भेजता है। यह एड्रेनालाइन को बढ़ाता है जो कि मूड को प्रभावित करता है।

जाहिर है कि जब भूख लगे तो क्या करना है। खाने की तरफ दौड़ पड़ना है।

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