गोल्ड कोस्ट। एजेंसी
21वें कॉमनवेल्थ गेम्स का अंतिम दिन भी भारतीय खिलाडिय़ों के लिए शानदार रहा.मेजबान ऑस्ट्रेलिया कुल 198 मेडलों के साथ मेडल तालिका में टॉप पर रहा. उसने 80 गोल्ड मेडल जीते. वहीं 136 मेडल के साथ इंग्लैंड दूसरे स्थान पर रहा। चार साल पहले ग्लास्गो में हुए 20वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 64 मेडल जीते थे. कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन 2010 देखने को मिला था जब दिल्ली में आयोजित इस खेल में कुल 101 मेडल जीते थे. साल 2014 की तुलना में भारत ने इस बार अधिक गोल्ड मेडल जीते. ग्लास्गो में उसने 15 गोल्ड मेडल हासिल किए थे।
और इस बार उसने 26 गोल्ड जीते.

वेटलिफ्टिंग
भारोत्तोलन में सतीश कुमार शिवालिंगम ने पुरुषों के 77 किलाग्राम भारवर्ग और वेंकट राहुल रंगाला ने 85 किलोग्राम भारवर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इनके अलावा, महिला भारोत्तोलकों ने कुल 3 स्वर्ण पदक जीते। मीराबाई चानू ने महिलाओं की 48 किलोग्राम भारवर्ग और संजीता चानू ने 53 किलोग्राम भारवर्ग में सोना जीता, जबकि पूनम यादव ने 69 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। 
प्रदीप सिंह ने पुरुषों के 105 किलोग्राम और गुरुराजा ने 56 किलोग्राम भारवर्ग में रजत पदक जीता। दीपक लाथेर ने पुरुषों के 69 किलोग्राम और विकास ठाकुर ने 94 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। 

निशानेबाजी
कुल खिलाड़ी 27 इन खेलों में भारतीय निशानेबाजों का प्रदर्शन सबसे दमदार रहा। भारत ने 7 स्वर्ण समेत कुल 16 पदक जीते। पुरुषों के 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में जीतू राय और 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में अनीष भानवाल ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि संजीव राजपूत ने 50 मीटर राइफल-3 पोजीशन स्पर्धा में स्वर्ण हासिल किया। भारत की महिला निशानेबाजों ने भी कुल चार स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। 

टेबल टेनिस
कुल खिलाड़ी 12 (7 महिला, 5 पुरुष) टेबल टेनिस में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। भारत की पुरुषों और महिलाओं की टीम ने स्वर्ण पदक जीता। मानिका बत्रा ने महिलाओं के एकल वर्ग में भी स्वर्ण पदक जीता। पुरुषों के युगल स्पर्धा में अचंता शरथ कमल एवं साथियान गणाशेखरन और महिलाओं की युगल स्पर्धा में मानिका बत्रा एवं मौउमा दास की जोड़ी ने रजत पदक हासिल किया। भारत को तीन कांस्य पदक भी मिले।
 शरथ कमल ने एकल वर्ग में पदक अपने नाम किया जबकि हरमीत देसाई एवं सनिल शंकर शेट्टी और साथियान गणाशेखरन एवं मानिका बत्रा की जोड़ी ने मिश्रित युगल वर्ग में कांस्य पदक पर कब्जा किया। 

मुक्केबाजी
कुल खिलाड़ी 12 (4 महिला, 8 पुरुष) मुक्केबाजी में भारत को आशातीत सफलता हासिल हुई। भारतीय मुक्केबाजों ने 3 स्वर्ण, 3 रजत और 3 कांस्य पदक जीते। गौरव सोलंकी ने पुरुषों के 52 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि विकास कृष्ण ने 75 किलोग्राम भारवर्ग में सोना जीता। महिलाओं के 45-48 किलोग्राम भारवर्ग में भारत की दिग्गज मुक्केबाज एम.सी मेरी कॉम ने स्वर्ण पदक हासिल किया। 

अनीश भनवाला
कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदर्शन:अनीश ने महज 15 साल की उम्र में मेन्स 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में गोल्ड जीता। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में सबसे कम उम्र में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारतीय बने। 
मनु भाकर
कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदर्शन:मनु भाकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स में वुमेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड जीता। उन्होंने 240.9 का स्कोर करके कॉमनवेल्थ गेम्स में रिकॉर्ड भी बनाया। 
मेहुली घोष
कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदर्शन:मेहुली का यह पहला कॉमनवेल्थ गेम्स था। उन्होंने पहली बार में न सिर्फ वुमेन्स 10 मीटर एयर राइफल में सिल्वर जीता, बल्कि फाइनल से पहले क्वालीफिकेशन में कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड भी बनाया। 
मणिका बत्रा
कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदर्शन: मणिका ने टेबल टेनिस के वुमेन्स सिंगल्स और वुमेन्स टीम इवेंट में गोल्ड जीता। उन्होंने वुमेन्स डबल्स में सिल्वर और मिक्सड डबल्स में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता। 
नीरज चोपड़ा
कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदर्शन:नीरज ने जेवलिन थ्रो में गोल्ड जीता। वे कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय हैं। 
 

अंतिम दिन भारत की झोली में 7 पदक
21वें के अंतिम दिन रविवार को भारतीय खिलाडिय़ों ने शानदार सफलता अर्जित करते हुए कुल सात पदक जीते। साइना ने देश को 26वां स्वर्ण पदक दिलाया जबकि इसके अलावा भारत की झोली में चार सिल्वर और दो ब्रॉन्ज भी आए। भारत को अंतिम दिन बैडमिंटन से एक गोल्ड और दो सिल्वर मेडल 
हासिल हुए।  

साइना ने स्वर्ण व सिंधु ने जीता रजक

महिला एकल वर्ग में जहां एक ओर साइना ने गोल्ड मेडल जीता, वहीं पीवी सिंधु को सिल्वर मेडल हासिल हुआ। महिला एकल वर्ग के गोल्ड मेडल का मुकाबला साइना और सिंधु के बीच ही था। साइना ऐसे में कॉमनवेल्थ गेम्स में दो गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई हैं। 

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