नई दिल्ली। एजेंसी
आधार कार्ड वेरिफिकेशन के लिए शुरू होनेवाली फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा सीनियर सिटिजंस के लिए काफी कारगर होगी। यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने यह दावा करते हुए इससे जुड़े कुछ तथ्य सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किए हैं। आईडीएआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि फिलहाल आधार वेरिफिकेशन के तरीके से अगर 83 प्रतिशत बुजुर्ग संतुष्ट हैं तो फिंगरप्रिंट के साथ फेस ऑथेंटिकेशन का फीचर जुडऩे से यह संख्या 100 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। दरअसल, फिंगरप्रिंट के जरिए होनेवाला वेरिफिकेशन कई सीनियर सिटिजंस के लिए परेशानी खड़ी कर देता है, क्योंकि उम्र के साथ उनकी उंगलियों के निशाना गायब होने लगते हैं। बहुत मामलों में तो ऐसे सीनियर सिटिजंस को सरकारी स्कीम्स से वंचित रहना पड़ा। साथ ही बड़ी संख्या उन लोगों की भी है जो मेहनत-मजदूरी करते हैं। उनके हाथों की लकीरें भी मिटनी शुरू हो जाती हैं। आईडीएआई के मुताबिक, नए फीचर से सबको फायदा होगा। 
 

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