नई दिल्ली। एजेंसी
कठुआ और उन्नाव दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर पूरा देश गुस्से में है। पिछले कुछ दिनों से देश के विभिन्न हिस्सों में इन घटनाओं को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। रविवार को दिल्ली में संसद मार्ग और मुंबई के कार्टर रोड पर उतरकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। 
बॉलीवुड हस्तियां भी हुई शामिल
मुंबई में हुए विरोध प्रदर्शन में कई बॉलीवुड हस्तियों ने शिरकत की। विरोध में शामिल संगीतकार विशाल डडलानी ने कहा कि हाल ही में जो घटनाएं हुई हैं। वह देश को शर्मसार करने वाली हैं। देश की बेटियों को इंसाफ और सुरक्षा मिलनी चाहिए। दिल्ली के संसद रोड पर लोग बैनर पोस्टर लेकर बैठे हैं। एक पोस्टर में लिखा है चुप्पी अब कोई उपाय नहीं, इंसाफ चाहिए। वहीं सिविल सोसायटी समेत तमाम लोग इन घटनाओं के विरोध में दिल्ली के जंतर मंतर इलाके में प्रदर्शन करने उतरे। प्रदर्शन में छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों समेत छोटे बच्चे भी शामिल हुए। इन लोगों की मांग है कि उन्नाव और कठुआ घटना के दोषियों को सख्त सजा दी जाए। प्रदर्शन में मौजूद लोगों की मांग है कि उन्नाव रेप केस के आरोपी विधायक को बचाने वाली यूपी की योगी सरकार को बर्खास्त किया जाए। साथ ही जम्मू-कश्मीर के उन दोनों बीजेपी नेताओं को गिरफ्तार किया जाए, जिन्होंने आरोपियों के बचाव में प्रदर्शन किया था।
परिवार की जिम्मेदारी उठाए सरकार 
जम्मू में बकरवाल समाज के परिवारों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए। साथ ही सरकार उन परिवारों की जिम्मेदारी उठाए जाए। इसके अलावा सरकार पीडि़त परिवार को कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराए।
महबूबा ने भाजपा मंत्रियों के इस्तीफे किए स्वीकार
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रविवार को भाजपा के दोनों मंत्रियों के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने इस्तीफा स्वीकार कर राज्यपाल को भेज दिया है। राज्यपाल एनएन वोहरा की ओर से इस मामले पर कोई जवाब नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार राज्यपाल सोमवार को दोनों मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार कर सकते हैं।  शुक्रवार को उद्योग मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा और वन मंत्री चौधरी लाल सिंह ने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष को अपना इस्तीफा दिया था।

नैतिकता के आधार पर दिया इस्तीफा
प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा ने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा सौंपा है। न कि पार्टी ने उनसे ऐसा करने को कहा। सूत्रों के मुताबिक इस्तीफे के पीछे गठबंधन सहयोगी पीडीपी और पीएमओ का दबाव माना जा रहा है।

पीडीपी प्रमुख और सीएम महबूबा मुफ्ती पर अपनी पार्टी के मंत्रियों और विधायकों का भारी दबाव था। उनका कहना था कि भाजपा के इन नेताओं की वजह से पार्टी की छवि खराब हो रही है और इसका भारी नुकसान पार्टी को उठाना पड़ सकता है।वहीं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुला ने मुफ्ती सरकार पर दोनों मंत्रियों को बर्खास्त करने की देरी पर सवाल खड़े किए थे। देश में भारी विरोध के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपना रुख क्लीयर करना पड़ा। 

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