नई दिल्ली। ब्यूरो
मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा 28 से 30 अप्रैल तक महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान उज्जैन में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय विराट गुरुकुल सम्मेलन आयोजित किया जायेगा। सम्मेलन में भारतीय शिक्षण मण्डल, नागपुर एवं महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान उज्जैन संयुक्त रूप से आयोजक होंगे। देश-विदेश के गुरुकुल के तीन हजार प्रतिभागियों की सम्मेलन में सहभागिता संभावित है। सम्मेलन के समापन पर सब की सहमति से 'गुरुकुल का घोषणा-पत्रÓ तैयार किया जायेगा। यह जानकारी आज नई दिल्ली में प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव और भारतीय शिक्षण मंडल के राष्ट्रीय संगठन मंत्री मुकुल कानितकर ने दी। प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय विराट गुरूकुल सम्मेलन की पूर्व तैयारी नेपाल, म्यांमार और बंगलुरू में आयोजित पूर्व सम्मेलनों में की जा चुकी है। सम्मेलन में नेपाल, म्यॉमार, इण्डोनेशिया, मॉरीशस, त्रिनिदाद आदि सात-आठ देशों के प्रतिनिधि सहभागी होंगे। साथ ही, विभिन्न विश्वविद्यालयों के 70-80 कुलपति, शिक्षा क्षेत्र के विद्वान शोधार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता और उद्योगपति भी सम्मेलन में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में इस विषय पर अध्ययन एवं अनुसंधान किया जाएगा कि आधुनिक शिक्षा पद्धति में गुरुकुल शिक्षा पद्धति के कौन-कौन से तत्व शामिल किये जा सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय विराट गुरूकुल सम्मेलन का उदघाटन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत करेंगे। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. प्रकाश जावडेकर, केन्द्रीय शिक्षा राज्यमंत्री डा. सत्यपाल सिंह, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, स्वामी संवित सोमगिरी जी, आचार्य गोविन्द देव गिरी, स्वामी राजकुमार दास सम्मेलन में भाग लेंगे। सम्मेलन में गुरुकुल प्रदर्शनी भी लगायी जायेगी। इस अवसर पर विविध गुरुकुलों द्वारा मंचीय प्रस्तुति होगी, जिसमें गुरुकुल में शिक्षा प्राप्त छात्र-छात्राएं वेद पठन, संस्कृत पठन, संस्कृत नाटिका आदि का प्रदर्शन करेंगे। मैदानी प्रस्तुति में मलखांब, योग, योग शिविर, अश्वारोहण, कल्लारी पट्टू आदि का प्रदर्शन होगा।

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