रायपुर। बच्चों को कम कैलोरी और प्रोटीन वाला मिड डे मील दिया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में शाला त्यागी बच्चों की दर कम करके उन्हें सही पोषण आहार देने के लिए मिड डे मील योजना चलाई जा रही है। राज्य सरकार ने पहली बार मिड डे मील की सैंपलिंग कर कोलकाता लैब में जांच कराई तो सारे सैंपल फेल हो गए।

सब में कम कैलोरी मिली। प्राइमरी स्कूलों में प्रोटीन न्यूनतम 8.14 ग्राम तक मिला, जबकि मापदंडों के अनुसार 20 ग्राम होना चाहिए। इसी तरह प्राइमरी स्तर पर एनर्जी 450 कैलोरी होनी चाहिए, लेकिन जांच में 320.305 कैलोरी मिली।

मिडिल स्तर पर प्रोटीन 20 ग्राम की जगह 11.895 ग्राम तक और एनर्जी 700 कैलोरी की जगह 424.11 कैलोरी मिली। अब जिन जगहों पर स्व सहायता समूह या अन्य एजेंसियों के जरिए भोजन पकाया जा रहा है, उन्हें नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा।

इतने स्कूलों में कराई सैंपलिंग

लोक शिक्षण संचालनालय ने प्राइमरी के 18 और मिडिल के 40 स्कूलों के भोजन की सैपलिंग कराई थी। गौरतलब है कि राज्य के 146 विकासखंडों में 31 हजार 278 प्राइमरी और 13 हजार 559 मिडिल स्कूलों में करीब 32 लाख बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार 250 करोड़ रुपए खर्च कर रही है।

बढ़ाया है कुकिंग कास्ट

मिड डे मील का प्राइमरी का बजट 4.42 रुपये और मिडिल के लिए प्रति बच्चा 5.78 रुपये था। इसे बढ़ाकर प्राइमरी के लिए 4.58 रुपये कर दिया गया है। यदि स्व सहायता समूह एलपीजी गैस सिलेंडर से भोजन पकाएगा तो उसे सरकार बतौर प्रोत्साहन 4.78 रुपये प्रति छात्र बजट देगी।

मिडिल स्कूल में प्रति बच्चा बजट 5.78 रुपए के बजाय 6.18 रुपए कर दिया गया है। यदि स्व सहायता समूह सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं तो उन्हें 6.48 रुपये मिलेंगे।

यह है मापदंडः नियमानुसार प्राइमरी के बच्चों को 450 कैलोरी और 12 ग्राम प्रोटीन, जबकि छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों को 7 सौ ग्राम कैलोरी और 20 ग्राम प्रोटीन दिया जाना है।

प्राइमरी स्तर पर :

प्रोटीन मिला : न्यूनतम 8.14 ग्राम तक

चाहिए : 12 ग्राम न्यूनतम

एनर्जी मिलीः 320.305 कैलोरी न्यूनतम

चाहिएः 450 कैलोरी

मिडिल स्तर परः

प्रोटीन मिला : न्यूनतम 11.895 ग्राम तक

चाहिएः 20 ग्राम न्यूनतम

एनर्जी मिलीः 424.11 कैलोरी न्यूनतम तक

चाहिएः 700 कैलोरी न्यूनतम

अब हर महीने जांच के लिए बनाएंगे नियम

जांच में थोड़ा कम प्रोटीन और कैलोरी मिलने की रिपोर्ट आने के बाद रणनीति बदल रहे हैं। अब हर महीने मिड डे मील की सैंपलिंग और जांच करके रिपोर्ट दी जाएगी। - एस प्रकाश, संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय

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