महंगाई के पांच माह के निचले स्तर पर आने और औद्योगिक रफ्तार बढ़ने की खबर से शुक्रवार को देश के शेयर बाजार में लगातार सातवें दिन तेजी दर्ज की गई। बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 91 अंकों की तेजी के साथ 34,193 अंक पर बंद हुआ। यह सेंसेक्स का डेढ़ माह का उच्चतम बंद स्तर है। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 41 अंकों की तेजी के साथ 10,459 पर बंद हुआ। 

छोटे शेयरों भी चढ़े
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी रही। मिडकैप सूचकांक 77.09 अंकों की तेजी के साथ 16,678 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 47 अंकों की तेजी के साथ 17,982 पर बंद हुए।

इन शेयरों में ज्यादा कमाई
बीएसई के 20 में से 15 सेक्टरों में तेजी रही। इनमें धातु शेयर में सबसे अधिक एक फीसदी की तेजी दर्ज की गई। आधारभूत सामग्री 0.64 फीसदी, स्वास्थ्य 0.54 फीसदी, उपभोक्ता सेवाएं 0.52 फीसदी और दूरसंचार प्रौद्योगिकी 0.52 फीसदी की तेजी के साथ सबसे अधिक मुनाफा देने वाले शेयरों में शामिल रहे।  हालांकि, बीएसई के दूरसंचार में सबसे अधिक 0.74 फीसदी का नुकसान हुआ। वहीं पूंजीगत वस्तुएं 0.33 फीसदी, तेज खपत उपभोक्ता वस्तुएं 0.30 फीसदी और तेल एवं गैस 0.25 फीसदी की गिरावट के साथ नुकसान वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।  

आर्थिक आंकड़ों से निवेशकों में उत्साह
औद्योगिक वृद्धि और मुद्रास्फीति के  बेहतर आंकड़ों तथा कंपनियों के तिमाही परिणामों के आने से पहले उम्मीद भरे माहौल में स्थानीय शेयर बाजारों में तेजी का सिलसिला लगातार सातवें दिन बना रहा। यह पिछले साल 24 नवंबर के बाद तेजी का सबसे लंबा सिलसिला है। लगातार सात सत्रों में सेंसेक्स 1173 अंक मजबूत हो चुका है। बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि गुरुवार को कारोबर समाप्त होने के बाद घोषित औद्योगिक वृद्धि और मुद्रास्फीति के आंकड़ों के उम्मीद से बेहतर होने , इंफोसिस के परिणाम की घोषणा से पहले उम्मीद के माहौल तथा एशियाई बाजारों की मजबूती से निवेशकों की धारणा सकारात्मक बनी रही। विनिर्माण क्षेत्र के शानदार प्रदर्शन तथा पूंजीगत वस्तुओं एवं टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद की बढ़ी मांग के कारण फरवरी में औद्योगिक वृद्धि 7.1 प्रतिशत रही। जबकि मार्च में खुदरा महंगाई पांच महीने के निचले स्तर 4.28 प्रतिशत पर आ गई है। 

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