सीरिया। एजेंसी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि सीरिया के पूर्वी गोता के डौमा शहर में किए गए रासायनिक हमले से करीब 500 लोग प्रभावित हुए हैं। बता दें कि सीरिया के पूर्वी गोता का डौमा शहर विद्रोहियों के लिए आखिरी ठिकाना था। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि 500 से अधिक लोगों में रासायनिक हमले का असर होने के लक्षण पाए गए हैं। हालांकि सीरिया की सरकार ने रासायनिक हमले से इनकार किया है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले हफ्ते डौमा शहर में हुए रासायनिक हमले में कम से कम 70 लोगों की मौत हो गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले में नर्व गैस का इस्तेमाल किया गया था, जिससे लोगों को आंखों में खुजली और सांस लेने में दिक्कतें होने लगीं। बता दें कि एक मेडिकल वर्कर ने मीडिया को बताया, जब यह हमला हुआ तो उस समय लोग इधर-उधर भागने लगे। शहर में जो भी क्लीनिक खुला मिला वहां तेजी से भागते हुए पहुंचे। इस दौरान पीडि़त लोगों को क्लोरीन की तेज गंध महसूस हुई। उन्होंने बताया कि लोगों को मारने वाली यह गैस क्लोरीन से कहीं ज्यादा ताकतवर थी। उन्होंने बताया हमें लगता है कि इस हमले में क्लोरीन के अलावा अन्य गैस का इस्तेमाल किया गया है। कुछ बच्चों की मौत दम घुटने की वजह से हुई क्योंकि उनके शरीर में किसी प्रकार के कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं, उनके मुंह से झाग निकल रहा था।
 

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