नई दिल्ली। एजेंसी
देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस के फाइनेंशियल ईयर 2018 के चौथी तिमाही के नतीजे आज आने हैं। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इंफोसिस के नतीजे नॉर्मल रह सकते हैं। वहीं डॉलर आय में 1- 2 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। एक्सपर्ट मान रहे हैं कि कंपनी का गाइडैंस पॉजिटिव रह सकता है।
गाइडेंस अच्छा रहने का अनुमान
इंडेक्स जीनियस इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स के डायरेक्टर अमीत हरचेकर ने कहा कि इंफोसिस के सीईओ और एमडी सलिल पारेख के कार्यकाल का यह पहला क्वार्टरली रिजल्ट है। कंपनी में ग्रोथ दिखेगी। यूएस और यूरोप में जहां कंपनी का मुख्?य बिजनेस है, मार्केट बेहतर है। डॉलर में मजबूती का फायदा कंपनी को मिलेगा। इस वजह से कंपनी का गाइडेंस अच्छा रह सकता है। उनका का मानना है कि फाइनेंशियल ई?र 2019 में इंफोसिस का रेवेन्यू गाइडेंस 5.5-8 फीसदी तक रह सकता है।
मुनाफा फ्लैट और मार्जिन पर रह सकता है प्रेशर
इंडिपेंटेंड मार्केट एक्सपर्ट अंबरीश बालिगा के मुताबिक, इस तिमाही में क्वार्टर दर क्वार्टर आधार पर कंपनी के मार्जिन पर 1.5 फीसदी का प्रेशर रह सकता है। तीसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 33 फीसदी बढ़कर 5129 करोड़ रुपए हुआ था। जबकि, दूसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 3726 करोड़ रुपए रह गया था। तीसरी तिमाही में कंपनी की आय 1.3त्न बढ़कर 17794 करोड़ रुपए रही थी।
डॉलर आय में हो सकती है बढ़ोत्तरी
ट्रेडस्विफ्ट ब्रोकिंग के डायरेक्टर संदीप जैन का मानना है कि चौथी तिमाही में इंफोसिस की डॉलर आय में 1 से 2 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। फाइनेंशियल ईयर 2018 की तीसरी तिमाही में इंफोसिस की डॉलर में होने वाली आय 276 करोड़ रुपए रही थी। 2018 की दूसरी तिमाही में इंफोसिस की डॉलर में होने वाली आय 272.8 करोड़ रुपए रही थी। जबकि, पहली तिमाही में इंफोसिस की डॉलर आय 265.1 करोड़ डॉलर रही थी।
आईटी कंपनी का आउटलुक बेहतर
बालिगा का कहना है कि आगे आईटी सेक्टर के लिहाज से कंपनी आउटलुक बेहतर है। वहीं जैन ने कहा कि यूएस इकोनॉमी ठीक कर रही है, ट्रेड वार का टेंशन कम हो रहा है और डॉलर में मजबूती से कंपनी को फायदा मिल सकता है। अमेरिका में बिजनेस करने में अब परेशानी नहीं हो रही है। 

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